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रिलायंस, रिलायंस बीपी मोबिलिटी को इंधन के खुदरा कारोबार का लाइसेंस मिला

By भाषा | Updated: August 9, 2021 21:07 IST

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नयी दिल्ली, नौ अगस्त सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड तथा रिलायंस और बीपी के साझा उद्यम सहित सात नयी कंपनियों को वाहन ईंधन की खुदरा बिक्री का लाइसेंस दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री, रामेश्वर तेली ने सोमवार को यह जानकारी दी।

लाइसेंस एक नए उदारीकृत नियम के तहत दिए गए हैं। इन नियमों के तहत न्यूनतम 250 करोड़ रुपये की निवल संपत्ति वाली कोई भी कंपनी पेट्रोल और डीजल की खुदरा बिक्री कारोबार के लिए अनुमति के वास्ते आवेदन कर सकती है।

तेली ने एक लिखित जवाब में लोकसभा को बताया कि नवंबर 2019 की नीति के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, आईएमसी लिमिटेड, ऑनसाइट एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, असम गैस कंपनी, एमके एग्रोटेक, आरबीएमएल सॉल्यूशंस इंडिया लिमिटेड और मानस एग्रो इंडस्ट्रीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को विपणन के लिए अनुमति दी गई है।

आरआईएल के पास पहले से ही एक ईंधन खुदरा बिक्री लाइसेंस था, जिसके तहत उसने देश में 1,400 से अधिक पेट्रोल पंप स्थापित किए थे। लेकिन यह लाइसेंस उसकी सहायक कंपनी, रिलायंस बीपी मोबिलिटी (आरबीएमएल) को हस्तांतरित कर दिया गया।

इसके बाद अरबपति मुकेश अंबानी की कंपनी ने आवेदन किया और एक और लाइसेंस प्राप्त किया।

बीपी के साथ एक अलग संयुक्त उद्यम, आरबीएमएल सॉल्यूशंस इंडिया लिमिटेड को भी लाइसेंस मिला है।

यह स्पष्ट नहीं है कि आरआईएल और आरबीएमएल सॉल्यूशंस अलग, प्रतिस्पर्धी पेट्रोल पंप स्थापित करेंगे या नहीं।

सरकारी स्वामित्व वाली तेल विपणन कंपनियां - इंडियन ऑयल कॉर्प (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (एचपीसीएल) - मौजूदा समय में देश के 77,709 पेट्रोल पंपों में से अधिकांश के मालिक हैं।

आरबीएमएल, नायरा एनर्जी (पूर्व में एस्सार ऑयल) और रॉयल डच शेल बाजार में निजी कंपनियां हैं लेकिन उनकी उपस्थिति सीमित है। आरएमएल के 1,422 ईंधन बिक्री केन्द्र हैं, नायरा के 6,152 बिक्री केन्द्र हैं जबकि शेल के सिर्फ 270 पेट्रोल पंप हैं।

बीपी को कुछ साल पहले 3,500 पंप लगाने का लाइसेंस मिला था लेकिन उसने अभी तक ऐसा कुछ करना शुरू नहीं किया है। उसने आरआईएल के साथ कारोबार में उतरने का फैसला किया है और आरआईएल की मौजूदा नेटवर्क ताकत को 5,500 तक बढ़ाने की योजना है।

जिन कंपनियों को लाइसेंस दिया गया है, उनमें चेन्नई स्थित आईएमसी (जिसे कभी इंडियन मोलासेस कंपनी कहा जाता था), जो तेल टर्मिनलों में विशेषज्ञता रखती है, और असम सरकार की कंपनी, असम गैस कंपनी शामिल हैं।

असम गैस कंपनी गैस परिवहन के कारोबार में है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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