लाइव न्यूज़ :

दवा कंपनियों ने सरकारी हस्तक्षेप पर रेमडेसिविर इंजेक्शन के दाम कम किए

By भाषा | Updated: April 17, 2021 20:56 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 17 अप्रैल राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने शनिवार को कहा कि सरकार के हस्तक्षेप के बाद दवा कंपनियों ने कोविड-19 के मरीजों के इलाज में काम आने वाले रेमडेसिविर इन्जेक्शन के दाम कम कर दिये हैं।

दवा कंपनी केडिला हेल्थकेयर, डा. रेड्डीज लैबोरेटरीज और सिप्ला ने रेमडेसिविर इंजेक्शन (100 मिग्रा की शीशी) के अपने अपने ब्रांड के दाम कम किये हैं।

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री सदानंद गौडा ने दवा कंपनियों द्वारा उठाये गये इस कदम पर प्रसन्नता जाहिर की है। एक ट्वीट कर उन्होंने कहा, ‘‘इस नाजुक समय में यह लोगों के लिये बड़ी राहत है। सरकार के हस्तक्षेप के बाद रेमडेसिविर के दाम अब कम हुये हैं। मैं औषधि कंपनियों का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कोविड- 19 के खिलाफ जारी लड़ाई में साथ दिया है।’’

रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख एल मंडाविया ने भी ट्वीटर पर लिखा, ‘ सरकार के हस्तक्षेप के चलते रेमेडेसिवीर के मूल्य कम कर दिए गए हैं। मैं औषधि कंपनियों का आभारी हूं कि उन्होंने कोविड- 19 महामारी का मुकाबला करने में सरकार का साथ दिया है।

एनपीपीए की ओर से जारी विवरण के अनुसार कैडिला ने रेमडैक (रेमडेसिवीर 100 मिग्रा) इंजेक्शन का दाम 2,800 रुपये से घटा कर 899 रुपये कर दिया है। इसी तरह सिंजीन इंटरनेशनल ने रेमविन नाम से बेची जाने वाली अपनी दवा का दाम 3950 रुपये से घटा कर 2,450 रुपये प्रति यूनिट कर दिया है।

हैदराबाद की डा रेड्डीज लैब इस दवा को रेडिक्स नाम से बेचती है। उसने इसका दाम 5,400 रुपये से कम कर अब 2,700 रुपये कर दिया है। इसी तरह सिप्ला की दवा सिप्रेमी अब 3,000 रुपये की हो गयी है। यह पहले 4,000 की पड़ती थी।

माइलान ने इस दवा के अपने ब्रांड का मूल्य 4,800 से 3,400 रुपये और जुबिलैंट जेनेरिक्स ने इस दवाई के अपने ब्रांड की दर प्रति इकाई 3,400 रुपये कर दी है। पहले यह 4,700 रुपये में मिल रही थी। इसी तहर हेट्रो हेल्थकेयर ने इस अपनी दवा की कीमत 5,400 रुपये की जगह 3,490 रुपये कर दी है। वह इसे कोवीफॉर ब्रांड नाम से बेचती है।

इस बीच, महाराष्टू में रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलबधता को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता नवाब मलिक और केन्द्रीय राजय मंत्री मनसुख मांडाविया के बीच शब्द बाण चल गये। मलिक ने अलग अलग ट्वीट में आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार विभिन्न निर्यातोन्मुखी इकाइयों को उनकी दवा को देश में बेचने की अनुमति नहीं दे रही है। वहीं मांडाविया ने उनके आरोपों को पूरी सख्ती के साथ खारिज करते हुये कहा कि सरकार दवा का उत्पादन दुगुना करने के लिये हर संभव प्रयास कर रही है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटRR vs MI: राजस्थान रॉयल्स का IPL 2026 में अजेय अभियान जारी, मुंबई इंडियंस को 27 रनों से हराया, शीर्ष पर पहुंची

क्रिकेटयशस्वी जायसवाल ने MI के गेंदबाजों की उखेड़ी बखिया, छक्के लगाकर 'सेंचुरी ऑफ़ मैक्सिमम्स' क्लब में हुए शामिल

क्रिकेटRR vs MI: वैभव सूर्यवंशी ने बुमराह को भी नहीं बख़्शा, एमआई पेसर को जड़े 2 छक्के | VIDEO

विश्व'अगले 48 घंटों तक घर के अंदर ही रहें' : ईरान में मौजूद नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास तत्काल सुरक्षा एडवाइज़री जारी की

ज़रा हटकेक्या है नंदगोपाल गुप्ता नंदी और यूपी के उन्नाव में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का नाता?

कारोबार अधिक खबरें

कारोबार16,720 करोड़ रुपये, पीएमश्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़, छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पुस्तकों के लिए 693 करोड़ की स्वीकृति?

कारोबार8th Pay Commission: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी में बढ़ोतरी तुरंत नहीं, अभी लगेगा समय

कारोबार143000 शिक्षामित्रों को 18000 और 24000 अनुदेशकों को मिलेंगे 17000 रुपये?, योगी सरकार पर 1138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार, छात्र-छात्राओं को 25 लाख टैबलेट

कारोबारGold Rate Today: 7 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,51,765 प्रति 10 ग्राम

कारोबारचिंताजनक स्थितिः 59 सालों में जम्मू कश्मीर की 315 झीलें गायब, 203 का क्षेत्रफल कम?, आखिर क्या है माजरा?