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जनता को जल्द दें राहत!, अधिकतम खुदरा मूल्य में तत्काल 8-12 रुपये प्रति लीटर की कटौती करें, मोदी सरकार ने खाद्यतेल उद्योग से कहा, जानें सबकुछ

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: June 2, 2023 20:27 IST

वैश्विक कीमतों में लगातार गिरावट के बीच खाद्य तेलों की खुदरा कीमतों में और कमी पर चर्चा के लिए एक महीने के भीतर बुलाई गई दूसरी बैठक में सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) और इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन सहित उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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ठळक मुद्देवितरकों को दी जाने वाली कीमत को भी तत्काल प्रभाव से कम करने की जरूरत है।कटौती का असर साफ तौर पर दिखे। मंत्रालय को नियमित आधार पर सूचित किया जाना चाहिए।

नई दिल्लीः केंद्र ने शुक्रवार को खाद्य तेल संगठनों को निर्देश दिया कि वे वैश्विक बाजारों में खाद्यतेल कीमतों में आई गिरावट के अनुरूप यहां प्रमुख खाद्य तेलों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में तत्काल प्रभाव से 8-12 रुपये प्रति लीटर की कटौती करें।

उद्योग प्रतिनिधियों के साथ खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद खाद्य मंत्रालय ने कहा, ‘‘जिन कंपनियां ने अपनी कीमतें कम नहीं की हैं और उनकी एमआरपी अन्य ब्रांडों की तुलना में अधिक है, उन्हें भी अपनी कीमतें कम करने की सलाह दी गई है।’’

बयान के अनुसार विनिर्माताओं और रिफाइनरों द्वारा वितरकों को दी जाने वाली कीमत को भी तत्काल प्रभाव से कम करने की जरूरत है ताकि कटौती का असर साफ तौर पर दिखे। यह भी कहा गया कि जब भी निर्माताओं/रिफाइनरों द्वारा वितरकों को कीमत में कमी की जाती है, उद्योग को उपभोक्ताओं को वह लाभ दिया जाना चाहिए और मंत्रालय को नियमित आधार पर सूचित किया जाना चाहिए।

मंत्रालय ने कहा कि खाद्य तेल कीमतों में गिरावट का रुख जारी है और खाद्य तेल उद्योग और कटौती की तैयारी कर रहा है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘घरेलू उपभोक्ता अपने खरीदे जाने वाले खाद्यतेल के लिए कम कीमत अदा करने की उम्मीद कर सकते हैं। खाद्य तेलों की घटती कीमतें महंगाई को भी कम करने में मदद करेगा।’’

वैश्विक कीमतों में लगातार गिरावट के बीच खाद्य तेलों की खुदरा कीमतों में और कमी पर चर्चा के लिए एक महीने के भीतर बुलाई गई दूसरी बैठक में सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) और इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन सहित उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद थे।

बैठक में मंत्रालय ने कहा कि आयातित खाद्य तेलों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट जारी है और इसलिए खाद्य तेल उद्योग को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि घरेलू बाजार में कीमतों में भी उसी अनुपात में गिरावट आए। उद्योग को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था कि वैश्विक बाजार में कीमतों में गिरावट को अंतिम उपभोक्ताओं तक तेजी से पहुंचाया जाए।

मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘प्रमुख खाद्य तेल संगठनों को सलाह दी गई है कि वे इस मुद्दे को तुरंत अपने सदस्यों के सामने उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि प्रमुख खाद्य तेलों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) को तत्काल प्रभाव से 8-12 रुपये प्रति लीटर कम किया जाए।’’ उच्च लागत सहित भू-राजनीतिक कारणों से वर्ष 2021-22 के दौरान खाद्य तेल की अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कीमतें तेज थीं।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेल की कीमतों में जून 2022 के मध्य के बाद से गिरावट देखी जा रही है। तेल उद्योग ने सूचित किया है कि पिछले दो महीनों में विभिन्न खाद्य तेलों की वैश्विक कीमतों में 150-200 अमरीकी डॉलर प्रति टन की गिरावट आई है और उन्होंने एमआरपी घटा दी है और जल्द ही और कटौती की जाएगी।

तेल कीमतों में जो कमी आई है वह अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई गिरावट और खाद्य तेलों पर लगने वाले आयात शुल्क कम किये जाने की वजह से है। मंत्रालय ने कहा कि तब उद्योग को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई थी कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई गिरावट का पूरा लाभ उपभोक्ताओं को दिया जाए। बैठक में मूल्य आंकड़ा संग्रह और खाद्य तेलों की पैकेजिंग जैसे अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

टॅग्स :भारत सरकारभारतीय खाद्य निगमFood and Civil Supplies Department
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