लाइव न्यूज़ :

इरडा ने बीमा कंपनियों को अल्प अवधि की कोविड पॉलिसी मार्च 2022 तक बेचने की अनुमति दी

By भाषा | Updated: September 13, 2021 23:00 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 13 सितंबर बीमा नियामक इरडा ने सोमवार को बीमा कंपनियों को मार्च 2022 तक अल्प अवधि के लिये कोविड केंद्रित स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी बेचने और उनके नवीनीकरण की अनुमति दी है।

देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने पिछले साल सभी बीमा कंपनियों से स्वास्थ्य बीमा के रूप में अलग-अलग लाभ के साथ ‘कोरोना कवच’ और ‘कोरोना रक्षक’ पॉलिसी लाने को कहा था।

कई बीमा कंपनियां अल्पकालिक उत्पाद लेकर आई थीं, जो नियमित स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों की तुलना में कम प्रीमियम के कारण लोकप्रिय हो गईं।

नियामक ने एक परिपत्र में कहा कि सभी बीमा कंपनियों को 31 मार्च 2022 तक अल्प अवधि वाले कोविड से जुड़ी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी पेश करने और उसके नवीनीकरण की अनुमति है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतनिजी जासूसी एजेंसियों को लेकर नई चिंताएं

विश्वहोर्मुज जलडमरूमध्य खोलने पर सहमत ईरान?, 14 दिन बमबारी और हमले रोकने को तैयार राष्ट्रपति ट्रंप?, पाकिस्तान के पीएम शरीफ क्या बोले?

विश्व'हम नए लॉन्च प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने हमले दोगुने कर देंगे': ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का जवाब

क्रिकेट2015 में 5, 2024 में 4 और 2026 में लगातार 3 जीत से शुरुआत?, आईपीएल सीजन में तीसरी बार आरआर ने किया आगाज?

पूजा पाठPanchang 08 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

कारोबार अधिक खबरें

कारोबार16,720 करोड़ रुपये, पीएमश्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़, छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पुस्तकों के लिए 693 करोड़ की स्वीकृति?

कारोबार8th Pay Commission: 8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी में बढ़ोतरी तुरंत नहीं, अभी लगेगा समय

कारोबार143000 शिक्षामित्रों को 18000 और 24000 अनुदेशकों को मिलेंगे 17000 रुपये?, योगी सरकार पर 1138.12 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार, छात्र-छात्राओं को 25 लाख टैबलेट

कारोबारGold Rate Today: 7 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,51,765 प्रति 10 ग्राम

कारोबारचिंताजनक स्थितिः 59 सालों में जम्मू कश्मीर की 315 झीलें गायब, 203 का क्षेत्रफल कम?, आखिर क्या है माजरा?