Income Tax Refund Delay: क्यों नहीं मिला अभी तक आपको रिफंड? हो सकती है ये वजह; जानें क्या करें
By अंजली चौहान | Updated: January 9, 2026 10:58 IST2026-01-09T10:57:58+5:302026-01-09T10:58:04+5:30
Income Tax Refund Delay: 2024-25 और 2025-26 फाइनेंशियल ईयर के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने वाले कई टैक्सपेयर्स अभी अपने इनकम टैक्स रिफंड में हो रही देरी को लेकर परेशान हैं। लोग सोशल मीडिया और टैक्स फोरम पर सवाल पूछ रहे हैं कि उनका रिफंड अभी तक क्यों नहीं आया है।

Income Tax Refund Delay: क्यों नहीं मिला अभी तक आपको रिफंड? हो सकती है ये वजह; जानें क्या करें
Income Tax Refund Delay: इनकम टैक्स भरने वाले टैक्सपेयर्स में से कुछ को अभी भी अपने रिफंड का इंतजार है। ये वो करदाता है जिन्होंने फाइनेंशियल ईयर 2024–25 और असेसमेंट ईयर 2025–26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल किया है और अब रिफंड में देरी को लेकर चिंतित हैं। लोग सोशल मीडिया और टैक्स फोरम पर सवाल पूछ रहे हैं कि रिफंड अभी तक क्यों नहीं आया है।
हालांकि, सच्चाई यह है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अभी भी तय समय सीमा के अंदर ही काम कर रहा है। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 143(1) के तहत, डिपार्टमेंट के पास FY 2024–25 के लिए फाइल किए गए रिटर्न को 31 दिसंबर, 2026 तक प्रोसेस करने का अधिकार है।
रिफंड में देरी क्यों हो रही है?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, जिन रिटर्न में बड़े रिफंड क्लेम, कैपिटल गेन, या अलग-अलग डिडक्शन शामिल होते हैं, उनकी अतिरिक्त ऑटोमेटेड जांच होती है। ऐसे मामलों में प्रोसेसिंग में समय लगता है। इसके अलावा, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास धारा 245(2) के तहत पुराने टैक्स बकाया के मुकाबले रिफंड को एडजस्ट करने की शक्ति है। अगर आपके नाम पर कोई पुराना टैक्स बकाया दिख रहा है, तो रिफंड को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है।
टैक्सपेयर्स की छोटी-मोटी गलतियां भी एक कारण हैं।
कभी-कभी, देरी सिस्टम की वजह से नहीं, बल्कि टैक्सपेयर्स की अपनी गलतियों के कारण होती है। टैक्स एक्सपर्ट अभिषेक सोनी के अनुसार, कई सैलरी पाने वाले लोग अपने ITR में 80C, 80D, या HRA जैसे डिडक्शन क्लेम करते हैं, जिनके बारे में उन्होंने पहले अपने एम्प्लॉयर्स को नहीं बताया होता है। ऐसे मामलों में, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट स्पष्टीकरण मांगता है और जवाब मिलने तक रिफंड रोक देता है।
NUDGE कैंपेन का असर
दिसंबर 2025 में, CBDT ने NUDGE कैंपेन शुरू किया। इस कैंपेन के तहत, जिन रिटर्न में कोई गड़बड़ी या विसंगति होती है, उन्हें SMS और ईमेल के ज़रिए अलर्ट किया जाता है। टैक्सपेयर्स से कहा जाता है कि वे या तो बदलावों को स्वीकार करें या एक संशोधित, अपडेटेड रिटर्न फाइल करें। जब तक टैक्सपेयर जवाब नहीं देता, तब तक रिफंड रोक दिया जाता है।
विदेशी आय या संपत्ति से जुड़े मुद्दे
अगर किसी टैक्सपेयर की विदेशी आय या विदेशी संपत्ति (UFI/UFA) से संबंधित जानकारी अधूरी है, तो भी रिफंड में देरी हो सकती है। इसमें विदेशी बैंक खाते, शेयर, ESOPs, संपत्ति, या बीमा जैसी चीज़ें शामिल हैं, जिन्हें ठीक से घोषित किया जाना चाहिए।
रिफंड स्टेटस कैसे चेक करें?
incometax.gov.in वेबसाइट पर जाएं।
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e-File – Income Tax Returns – View Filed Returns पर क्लिक करें। आपके रिटर्न और रिफंड का पूरा स्टेटस यहां दिखाया जाएगा।