फूड डिलिवरी ऐप को रेस्तरां मानने, पांच प्रतिशत कर लगाने पर चर्चा करेगी जीएसटी परिषद

By भाषा | Published: September 15, 2021 09:25 PM2021-09-15T21:25:16+5:302021-09-15T21:25:16+5:30

GST Council to discuss considering food delivery app as restaurant, imposing 5% tax | फूड डिलिवरी ऐप को रेस्तरां मानने, पांच प्रतिशत कर लगाने पर चर्चा करेगी जीएसटी परिषद

फूड डिलिवरी ऐप को रेस्तरां मानने, पांच प्रतिशत कर लगाने पर चर्चा करेगी जीएसटी परिषद

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नयी दिल्ली, 15 सितंबर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद जोमैटो और स्विगी जैसे फूड डिलिवरी ऐप को रेस्तरां मानने और उनके द्वारा की जाने वाली आपूर्ति पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा कर सकती है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

इन फूड डिलिवरी ऐप को उनके माध्यम से आपूर्ति की जाने वाली रेस्तरां संबंधी सेवाओं पर जीएसटी का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी बनाने का प्रस्ताव उन चार दर्जन से अधिक प्रस्तावों में से एक है जिनपर परिषद 17 सितंबर को लखनऊ में अपनी बैठक में चर्चा करेगी।

इस संबंध में मंजूरी मिलने पर इन ऐप को अपने सॉफ्टवेयर में बदलाव करने के लिए निश्चित समय दिया जाएगा ताकि इस तरह का कर लगाने में मदद मिले।

जीएसटी परिषद द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद, इन ऐप को उनके द्वारा की जाने वाली डिलिवरी के लिए सरकार के पास जीएसटी जमा करना होगा। वे रेस्तरां की जगह पर यह जीएसटी देंगे। हालांकि अंतिम उपभोक्ताओं पर किसी अतिरिक्त कर का बोझ नहीं पड़ेगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Web Title: GST Council to discuss considering food delivery app as restaurant, imposing 5% tax

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