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फ्रैंकलिन टेम्पलटन सेबी के आदेश से सहमत नहीं, सैट में देगी चुनौती

By भाषा | Updated: June 8, 2021 16:52 IST

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नयी दिल्ली, आठ जून फ्रैंकलिन टेम्पलटन एसेट मैनेजमेंट (इंडिया) ने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के आदेश को प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) में चुनौती देने का फैसला किया है। सेबी का यह आदेश फ्रैंकलिन टेम्पलटन द्वारा 2020 में अपनी छह ऋण या बांड योजनाओं को बंद करने के बारे में है।

सेबी ने सोमवार को फ्रैंकलिन टेम्पलटन एसेट मैनेजमेंट कंपनी (इंडिया) पर दो साल तक कोई नई ऋण योजना लाने पर रोक लगा दी। इसके अलावा छह ऋण योजनाओं को बंद करने के मामले में नियामकीय नियमों के उल्लंघन के लिए कंपनी पर पांच करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

साथ ही कंपनी से छह ऋण योजनाओं के संदर्भ में निवेश प्रबंधन और परामर्श शुल्क के रूप में जुटाए गए 512 करोड़ रुपये ब्याज सहित लौटाने को भी कहा है।

सेबी के आदेश के अनुसार इस राशि का इस्तेमाल यूनिटधारकों को भुगतान के लिए किया जाएगा। सेबी का कहना है कि फ्रेंकलिन टेम्पलटन एएमसी ने योजना के वर्गीकरण में गंभीर खामियां..उल्लंघन किया है। सामने आते नकदी संकट, प्रतिभूतियों के मूल्यांकन व्यवहार, जोखिम प्रबंधन और निवेश संबंधी जांच पड़ताल में कंपनी ने निर्गम विकल्प का उपयोग नहीं करके नियमों का उल्लंघन किया है।

सेबी के आदेश पर फ्रैंकलिन टेम्पलटन के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम सेबी के आदेश के निष्कर्षों से सहमत नहीं हैं। हमारा इरादा इसके खिलाफ प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील दायर करने का है।’’

प्रवक्ता ने कहा कि फ्रैंकलिन टेम्पलटन हमेशा अनुपालन को बहुत अधिक महत्व देती है। कंपनी हमेशा नियमनों के तहत यूनिटधारकों के हित में काम करती रही है।

फ्रैंकलिन टेम्पलटन ने अपनी छह बांड योजना को निकासी दबाव और तरलता की कमी का हवाला देते हुए 23 अप्रैल, 2020 को बंद कर दिया था। ये योजनाएं ...फ्रैंकलिन इंडिया लो डुरेशन फंड, फ्रैंकलिन इंडिया डायनामिक एक्यूरल फंड, फ्रैंकलिन इंडिया क्रेडिट रिस्क फंड, फ्रैंकलिन इंडिया शॉर्ट टर्म इनकम प्लान, फ्रैंकलिन इंडिया अल्ट्रा शॉर्ट बांड फंड और फ्रैंकलिन इंडिया इनकम अपॉरच्यूनिटीज फंड। इन योजनाओं के प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां या एयूएम 25,000 करोड़ रुपये था।

छह बंद की गई योजनाओं के तहत 30 अप्रैल, 2021 तक 14,572 करोड़ रुपये का वितरण यूनिटधारकों को किया गया है। वहीं चार जून, 2021 तक 3,205 करोड़ रुपये की राशि वितरण के लिए उपलब्ध थी। इस राशि को मिलकर जून के पहले सप्ताह तक निवेशकों को वितरित कुल राशि 17,778 करोड़ रुपये तक पहुंच जायेगी। यह राशि 23 अप्रैल 2020 के प्रबंनाधीन संपत्ति का 71 प्रतिशत तक होगी।

फ्रैंकलिन टेम्पलटन के अलावा नियामक ने फ्रैंकलिन टेम्पलटन के एशिया प्रशांत के पूर्व प्रमुख विवेक कुडवा और उनकी पत्नी पर भी प्रतिभूति बाजार में कारोबार करने से एक साल की रोक लगाई है। इन लोगों ने गैर- सार्वजनिक सूचना की जानकारी रखते हुए फ्रैंकलिन टेम्पलटन एमएफ की योजनाओं की यूनिट से निकासी की। इसके अलावा नियामक ने इस दंपति पर सात करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

साथ ही उनसे कहा गया है कि फ्रैंकलिन टेम्पलटन एमएफ योजनाओं से निकाली गई 22.64 करोड़ रुपये की राशि को 45 दिन में एस्क्रो खाते में जमा कराएं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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