नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने ईपीएस (कर्मचारी पेंशन योजना) पेंशनभोगियों के लिए एक मुफ्त डोरस्टेप सेवा शुरू की है, जिससे वे बिना बैंक या ईपीएफओ ऑफिस जाए अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) जमा कर सकते हैं।
इस नई पहल के तहत, ईपीएफओ ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के साथ पार्टनरशिप की है ताकि पोस्टल कर्मचारियों को पेंशनभोगियों के घरों पर भेजा जा सके। ये कर्मचारी आधार-आधारित बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करके उनकी पहचान वेरिफाई करेंगे और मौके पर ही डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जेनरेट करेंगे।
यह सेवा क्यों शुरू की गई?
कई बुजुर्ग पेंशनभोगियों को टेक्नोलॉजी या आने-जाने में दिक्कत होती है। कुछ के पास स्मार्टफोन नहीं होते, तो कुछ स्वास्थ्य समस्याओं या दूरदराज के इलाकों में रहने के कारण बैंक या ईपीएफओ ऑफिस नहीं जा पाते, जिससे पेंशन मिलने में देरी होती है। इन समस्याओं को देखते हुए, यह डोरस्टेप सेवा शुरू की गई ताकि किसी भी पेंशनभोगी की पेंशन प्रक्रियागत दिक्कतों के कारण लेट न हो।
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट क्या है?
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, जिसे जीवन प्रमाण भी कहा जाता है, एक ऑनलाइन प्रूफ है जो यह कन्फर्म करता है कि पेंशनर ज़िंदा है। इसे आधार से जुड़ी बायोमेट्रिक जानकारी जैसे फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करके जेनरेट किया जाता है। एक बार सबमिट होने के बाद, यह एक साल के लिए वैलिड होता है।
क्या इसके लिए शुल्क लगेगा?
ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, पोस्टमैन उन पेंशनर्स के घर जाएंगे जिनका डीएलसी ड्यू है और उनसे बिना कोई फीस लिए उनका डीएलसी रजिस्टर करेंगे। यह सर्विस पेंशनर्स के लिए फ्री है और इसका खर्च ईपीएफओ के सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग और रिकॉर्ड सेंटर उठाएगा।
होम विज़िट कैसे बुक करें?
इस फ्री सर्विस का फायदा उठाने के लिए, पेंशनर्स या उनके परिवार के सदस्य आईपीपीबी के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके रिक्वेस्ट रजिस्टर कर सकते हैं। रिक्वेस्ट मिलने के बाद, एक पोस्टमैन को तय समय पर पेंशनर के घर जाने के लिए असाइन किया जाएगा।
वे आधार-बेस्ड बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करके उनकी पहचान वेरिफाई करेंगे। इसके बाद डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट रजिस्टर किया जाएगा, जिससे यह प्रोसेस सुरक्षित और आसानी से पूरा हो जाएगा।