लाइव न्यूज़ :

E-Commerce-Company: 80 से 90% तक डिस्काउंट देने का मतलब क्या?, दाम बढ़ाकर छूट क्यों, ई-कॉमर्स कंपनी ने नकेल कसे सरकार

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 28, 2023 16:52 IST

E-Commerce-Company: थिंक टैंक कट्स इंटरनेशनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ई-कॉमर्स मंचों पर उत्पादों के दाम बढ़ाकर छूट की पेशकश करने का अनुचित तरीका अपनाया जा रहा है।

Open in App
ठळक मुद्देग्राहकों के मन में उत्पाद की खरीद पर बचत होने का भ्रम पैदा होता है।असल में उन उत्पादों की वास्तविक कीमत कम ही होती है। सरकार को उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण की दिशा में सख्ती बरतनी चाहिए।

E-Commerce-Company: सरकार और नियामकीय एजेंसियों को ई-कॉमर्स क्षेत्र में व्याप्त अनुचित कारोबारी तौर-तरीकों पर लगाम लगाने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। शनिवार को एक रिपोर्ट में यह सुझाव दिया गया। थिंक टैंक कट्स इंटरनेशनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ई-कॉमर्स मंचों पर उत्पादों के दाम बढ़ाकर छूट की पेशकश करने का अनुचित तरीका अपनाया जा रहा है।

इससे ग्राहकों के मन में उत्पाद की खरीद पर बचत होने का भ्रम पैदा होता है जबकि असल में उन उत्पादों की वास्तविक कीमत कम ही होती है। रिपोर्ट के मुताबिक, ई-कॉमर्स मंचों की तरफ से समय-समय पर बिक्री सेल के आयोजन पर पूरी तरह रोक लगाने के बजाय सरकार को उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण की दिशा में सख्ती बरतनी चाहिए।

इससे सभी बाजार प्रतिभागियों के लिए समान अवसर मुहैया कराए जा सकेंगे। भारत में ई-कॉमर्स के संदर्भ में वाणिज्य की स्थिति पर जारी रिपोर्ट कहती है कि एक निष्पक्ष एवं टिकाऊ ई-कॉमर्स पारिस्थितिकी को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है कि विक्रेताओं के पास अपने उत्पादों की कीमतें तय करने की स्वायत्तता हो।

इसके मुताबिक, विक्रेताओं पर अतिरिक्त छूट का बोझ डालने से वित्तीय तनाव बढ़ता है और मुनाफे के मार्जिन पर भी असर पड़ता है। रिपोर्ट में भारी छूट देने और प्रतिस्पर्द्धा को खत्म करने के लिए जानबूझकर कीमत को बहुत कम रखने के बीच फर्क करने का सुझाव भी दिया गया है।

रिपोर्ट कहती है, "नीति-निर्माताओं, नियामकों एवं हितधारकों के लिए इन दोनों अवधारणाओं के बीच फर्क करने के लिए इन्हें परिभाषित करना महत्वपूर्ण है।" रिपोर्ट के मुताबिक, उपभोक्ता कल्याण को अहमियत देने और सभी विक्रेताओं के लिए एकसमान अवसर मुहैया कराने के लिए जरूरी है कि ई-कॉमर्स कंपनियां ऐसे तौर-तरीकों में लिप्त होने से परहेज करें। इन कंपनियों को क्षेत्रीय भाषाओं में सामग्री मुहैया कराने को भी कहा गया है। 

टॅग्स :CommerceGovernment of India
Open in App

संबंधित खबरें

भारतNEET exam cancelled 2026: नीट परीक्षा में अत्यंत शर्मनाक बर्ताव!

कारोबार15 वर्ष और अधिक आयु के लोगों के लिए बेरोजगारी दर बढ़कर अप्रैल में 5.2 प्रतिशत?, 6 महीने के उच्च स्तर पर आंकड़े

भारतशिक्षा और परीक्षा: साख बहाल करने का सवाल

कारोबारउपलब्धि के दावों के बीच क्या सचमुच हो रहा खादी का विस्तार?, कुल कारोबार 1.70 लाख करोड़ रुपए के पार

कारोबारसीएसआर पर सालाना खर्च 15,000 करोड़ रुपये को पार?, विशेषज्ञ बोले-स्थानीय भागीदारी को और मजबूत करने की जरूरत

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारMeta Layoffs: वर्क फ्रॉम होम और फिर सुबह 4 बजे आया 'छंटनी का फरमान'; मेटा ने 8 हजार कर्मचारियों को नौकरी से हटाया

कारोबारGold Price Today: सोने का भाव आज का 20 मई 2026, जानें दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में सोने की कीमत

कारोबारFuel Price Today: 20 मई को पेट्रोल, डीजल और CNG की नई कीमतें घोषित, यहाँ जानें शहरवार ताजा दरें

कारोबारबुलेट ट्रेन परियोजना को व्यावहारिक बनाने की चुनौती

कारोबारइटली और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी?, 2029 तक व्यापार को 20 अरब यूरो से आगे ले जाना