विदेशों में मंदी के बावजूद सोयाबीन के दाम रिकॉर्ड स्तर पर

By भाषा | Published: July 21, 2021 06:01 PM2021-07-21T18:01:55+5:302021-07-21T18:01:55+5:30

Despite the slowdown abroad, soybean prices at record levels | विदेशों में मंदी के बावजूद सोयाबीन के दाम रिकॉर्ड स्तर पर

विदेशों में मंदी के बावजूद सोयाबीन के दाम रिकॉर्ड स्तर पर

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नयी दिल्ली, 21 जुलाई विदेशी बाजारों में मंदी के रुख के बावजूद देश में त्योहारी मांग के कारण स्थानीय तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सोयाबीन तिलहन का भाव रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुंचा। मंडियों में कम आवक और स्थानीय मांग को देखते हुए सरसों तेल-तिलहन, सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में भी सुधार आया जबकि सामान्य कारोबार के बीच बाकी अन्य तेल-तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए।

बाजार सूत्रों ने बताया कि मलेशिया एक्सचेंज बिना घट बढ़ के बंद हुआ जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में एक प्रतिशत की गिरावट थी। विदेशी बाजारों में मंदी होने के बावजूद स्थानीय त्योहारी मांग और मंडी में कम आवक से स्थानीय तेल-तिलहन कीमतों में सुधार हुआ।

उन्होंने कहा कि मंडियों में मांग होने के बीच सरसों और सोयाबीन तिलहन की बहुत कम आवक है जिसकी वजह से सोयाबीन का भाव रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुंचा है। महाराष्ट्र के लातूर किर्ती में सोयाबीन बीज का ‘प्लांट डिलिवरी’ भाव 8,450 रुपये क्विन्टल से बढ़ाकर 8,650 रुपये क्विन्टल कर दिया गया है। इसमें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अलग से लगना है। महाराष्ट्र के नांदेड में प्लांट वालों ने 8,700 रुपये क्विन्टल के भाव सोयाबीन खरीदा है। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड भाव है।

उन्होंने कहा कि सरकार को खाद्य तेलों के आयात शुल्क को कम ज्यादा करने के बजाय तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना चाहिये जिससे इसके आयात के लिए विदेशी बाजारों पर निर्भरता को कम किया जा सके। उनकी राय में पामोलीन के आयात पर अंकुश लगना चाहिए नहीं तो घरेलू रिफायनिंग कंपनियों का चलना कठिन हो जाएगा।

सूत्रों ने कहा कि सहकारी संस्था हाफेड को अभी भी बाजार भाव से सरसों की खरीद कर उसका स्टॉक बनाना चाहिये ताकि सरसों की अगली फसल के लिए बीज की कमी न हो। अगर बीजों का समुचित इंतजाम रहा तो सरसों की पैदावार दोगुनी हो सकती है।

सूत्रों ने कहा कि पूरे देश की मंडियों में सरसों की आवक दो लाख बोरी से घटकर 1.40 लाख से 1.50 लाख बोरी रह गई है। सरसों की कमी की वजह से 30-40 प्रतिशत पेराई मिलें बंद हो गई हैं।

मांग निकलने से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतें भी मजबूती के साथ बंद हुईं।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 7,680 - 7,730 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 5,895 - 6,040 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 14,500 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,235 - 2,365 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,150 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,475 -2,525 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,575 - 2,685 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 15,000 - 17,500 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,000 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,800 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,470 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,250 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,210 रुपये।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,150 रुपये।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Web Title: Despite the slowdown abroad, soybean prices at record levels

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