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आंगनवाड़ी, मध्याह्न भोजन के लिये खाने की आपूर्ति पर जीएसटी से पूरी तरह छूट है: सीबीआईसी

By भाषा | Updated: June 18, 2021 18:22 IST

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नयी दिल्ली, 18 जून केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने कहा है कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत स्कूलों और आंगनवाड़ी के लिये खाने के सामान की आपूर्ति पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से छूट है।

जीएसटी परिषद की 28 मई को हुई 43वीं बैठक में किये गये फैसलों पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए सीबीआईसी ने कहा कि उससे जीएसटी लागू होने के बारे में जानकारी मांगी गयी है। उसमें पूछा गया है कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत अगर स्कूलों में सरकारी अनुदान और/या कंपनी दान के जरिये वित्त पोषित खाद्य पदार्थ की आपूर्ति की जाती है तो क्या वह जीएसटी के दायरे में आएगा।

वस्तु एवं सेवा कर के तहत, किसी शैक्षणिक संस्थान को प्रदान की जाने वाली मध्याह्न भोजन सहित कोई भी खानपान सेवा पूरी तरह से शुल्क मुक्त है।

सीबीआईसी ने कहा कि इसमें प्री-स्कूल सहित किसी भी स्कूल को खाना परोसना शामिल होगा। इसके अलावा, एक आंगनवाड़ी जो अन्य बातों के अलावा स्कूली शिक्षा से पहले की गैर-औपचारिक शिक्षा प्रदान करती है और इसलिए आंगनवाड़ी शैक्षणिक संस्था (प्री-स्कूल के रूप में) की परिभाषा के अंतर्गत आती है।

‘‘...यह स्पष्ट किया जाता है कि किसी शैक्षणिक संस्थान को भोजन उपलब्ध (मध्याह्न भोजन सहित खानपान) कराकर प्रदान की जाने वाली सेवाएं जीएसटी से मुक्त है, भले ही उसका वित्त पोषण सरकारी अनुदान या कॉर्पोरेट दान से हुआ हो।’’

सीबीआईसी ने 17 जून के कहा, ‘‘जीएसटी अधिसूचना में परिभाषित शैक्षणिक संस्थानों में आंगनवाड़ी शामिल है। अत: चाहे वह सरकार द्वारा प्रायोजित हो या निगमों से दान के माध्यम से, आंगनबाड़ी को भोजन परोसना भी उक्त छूट के दायरे में आएगा।’’

ईवाई कर भागीदार अभिषेक जैन के अनुसार सरकार ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक संस्थानों को प्रदान की जाने वाली खानपान सेवाओं पर जीएसटी छूट का दायरा व्यापक होगा। संबंधित पक्ष इसकी सराहना करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘इस स्पष्टीकरण से भोजन उपलब्ध कराने में शामिल शिक्षण संस्थानों को जीएसटी की वजह से अपनी लागत को कम करने में मदद मिलेगी। इससे ऐसे संस्थानों के कोष की बचत होगी।’’

सीबीआईसी ने केंद्रीय और राज्य बोर्ड (जैसे राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड) द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सेवाओं पर जीएसटी को लेकर अलग से स्पष्टीकरण दिया है।

उसने कहा कि केंद्रीय या राज्य बोर्डों (एनबीई-राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड जैसे बोर्ड) द्वारा छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करने के जरिये प्रदान की जाने वाली सेवाओं पर जीएसटी छूट है। इसमें शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश के लिए परीक्षा आयोजित करना भी शामिल है।

सीबीआईसी ने कहा, ‘‘इसलिए, प्रवेश परीक्षाओं सहित ऐसी परीक्षाओं के संचालन के लिए बोर्ड की तरफ से लिये जाने वाले किसी भी शुल्क या राशि पर जीएसटी नहीं लगेगा।’’

इसके अलावा, ऐसे बोर्डों को प्रदान किए जाने पर, ऑनलाइन परीक्षण सेवा, परिणाम प्रकाशन, परीक्षा के लिए अधिसूचना की छपाई, प्रवेश पत्र और प्रश्न पत्र आदि जैसे प्रवेश, या परीक्षा के संचालन से संबंधित सेवाओं पर भी जीएसटी से छूट दी गई है।

सीबीआईसी ने स्पष्ट किया कि हालांकि ऐसे बोर्ड की अन्य सेवाओं पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाएगा। इन सेवाओं में किसी संस्थान या पेशेवर को मान्यता प्रदान करना शामिल है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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