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कारोबारी दिग्गजों का जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों को हासिल करने के लिये जी-7 से ठोस कदम उठाने का आग्रह

By भाषा | Updated: June 10, 2021 23:06 IST

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नयी दिल्ली, 10 जून जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंता के बीच विभिन्न देशों के 70 से अधिक मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (सीईओ) ने बृहस्पतिवार को विकसित देशों के समूह जी-7 के नेताओं से विभिन्न क्षेत्रों के बीच मजबूत सहयोग के जरिये शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन व्यवस्था की दिशा में ठोस और तेजी से कदम उठाने का आग्रह किया।

कंपनी के इन शीर्ष अधिकारियों ने समूह के नेताओं से जलवायु को लेकर जो लक्ष्य रखे हैं, उसे इस साल नवंबर में ग्लासगोव (ब्रिटेन) में होने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (सीओपी-26) से पहले पूरा करने का भी अनुरोध किया।

महिंद्रा समूह के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा, डालमिया सीमेंट के प्रबंध निदेशक और सीईओ महेंद्र सिंघी और इन्फोसिस के सीईओ और प्रबंध निदेशक सलिल पारेख समेत 79 मुख्य कार्यपालक अधिकारियों ने दुनिया के नेताओं को पत्र लिखकर कहा कि वे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए दुनिया के साथ काम करने के लिए तैयार हैं।

यह खुला पत्र सीईओ क्लाइमेट लीडर्स के गठबंधन ने लिखा है। यह सीईओ की अगुवाई वाला समूह है। यह दुनिया भर में उन सभी कंपनियों के लिए खुला है जो शून्य उत्सर्जन वाली अर्थव्यवस्था को लेकर स्पष्ट प्रतिबद्धताओं के साथ काम करना चाहते हैं।

विश्व आर्थिक मंच की मेजबानी में गठबंधन की स्थापना 2014 में की गयी। इसका मकसद महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करके, स्वयं के स्तर पर उत्सर्जन को कम करने और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करने के जरिये पेरिस समझौते और कॉरपोरेट जलवायु कार्यवाही का समर्थन करना है।

पत्र में कहा गया है, ‘‘हम जी-7 समेत दुनिया के नेताओं का आह्वान करते हैं कि वे विभिन्न क्षेत्रों के बीच मजबूत सहयोग के जरिये हमारी साझा जलवायु प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन के लिये तेजी से कदम उठायें। साथ ही स्पष्ट और अधिक महत्वकांक्षी नीति रूपरेखा के तहत साझा लक्ष्यों को हासिल करने के लिये साहसिक कदम को लेकर निजी क्षेत्र के साथ मिलकर काम करें।’’

जी-7 देशों का 47वां शिखर सम्मेलन ब्रिटेन में 11-13 जून को होगा।

जी-7 में ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जापान, जर्मनी, फ्रांस, इटली तथा यूरोपीय संघ शामिल हैं। शिखर सम्मेलन में भारत, दक्षिण कोरिया, आस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका को अतिथि देशों के रूप में आमंत्रित किया गया है।

विश्व आर्थिक मंच के प्रबंध निदेशक डोमनिक वाउग्रे ने कहा कि इतने सारे सीईओ का एक साथ आगे आना एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा, ‘‘मजबूत सामूहिक सहयोग के लिए कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों का आगे आना एक महत्वपूर्ण कदम है। यह नीति-निर्माताओं को एक स्पष्ट संकेत देता है कि कई वैश्विक उद्योगपति शुद्ध रूप से शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य को हासिल करने के लिये अपना योगदान देने को तैयार हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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