RSS पर टिप्पणी को लेकर वकील ने जावेद अख्तर को भेजा 100 करोड़ का मानहानि नोटिस, माफी मांगने को कहा

By अनिल शर्मा | Published: September 23, 2021 08:38 AM2021-09-23T08:38:06+5:302021-09-23T08:47:29+5:30

मुंबई के वकील धृतिमान जोशी ने मुंबई के कुर्ला में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। जोशी का दावा है कि उन्होंने हाल ही में एक टॉक शो में अख्तर को सुना था, जहां उन्होंने आरएसएस और तालिबान द्वारा हाल ही में अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बीच समानताएं खींची थीं।

mumbai Lawyer Dhrutiman Josh sent notice to javed akhtar for remarks on rss asked to apologize | RSS पर टिप्पणी को लेकर वकील ने जावेद अख्तर को भेजा 100 करोड़ का मानहानि नोटिस, माफी मांगने को कहा

RSS पर टिप्पणी को लेकर वकील ने जावेद अख्तर को भेजा 100 करोड़ का मानहानि नोटिस, माफी मांगने को कहा

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Highlightsसुनियोजित तरीके से संगठन को बदनाम करने की कोशिश की गईः धृतिमान जोशीजावेद अख्तर के विचारों का उनके समर्थन में कोई सबूत नहीं हैः जोशी

लेखक-गीतकार जावेद अख्तर एक बार फिर मुश्किल में हैं। उनके खिलाफ मुंबई में शिकायत दर्ज कराई गई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक कार्यकर्ता ने आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया है। यह उनकी कथित मानहानिकारक टिप्पणी के बारे में है जहां उन्होंने कथित तौर पर आरएसएस की तुलना तालिबान से की थी। वहीं एक अन्य वकील ने गीतकार के खिलाफ 100 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा और उनसे माफी मांगने को कहा है।

मुंबई के वकील धृतिमान जोशी ने मुंबई के कुर्ला में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। जोशी का दावा है कि उन्होंने हाल ही में एक टॉक शो में अख्तर को सुना था, जहां उन्होंने आरएसएस और तालिबान द्वारा हाल ही में अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बीच समानताएं खींची थीं। जोशी के मुताबिक, उनको लगता है कि कथित बयान हिंदू समुदाय को बदनाम करने के लिए थे।

सुनियोजित तरीके से संगठन को बदनाम करने की कोशिश की गईः धृतिमान जोशी

जोशी ने कहा, गीतकार द्वारा दिए गए बयान आरएसएस को बदनाम करने के लिए सुनियोजित, सोचे-समझे और सोचे-समझे अपमानजनक बयान हैं और उन लोगों को हतोत्साहित, अपमानित और गुमराह करते हैं जो आरएसएस में शामिल हो गए हैं या जो आरएसएस में शामिल होना चाहते हैं। और उनकी निगाहों में आरएसएस को छोटा करना चाहते हैं।

जावेद अख्तर के विचारों का उनके समर्थन में कोई सबूत नहीं हैः जोशी

जोशी ने कहा कि संगठन के खिलाफ इस तरह के बयान से उसके जमीनी कार्यकर्ता" होने के नाते उन्हें "आम जनता की नजरों में" अपमानित और बदनाम किया गया। जोशी ने दावा किया कि अख्तर के विचारों का उनके समर्थन में कोई सबूत नहीं है। उन्होने कहा कि गीतकार ने बिना किसी सबूत के अपने विचार व्यक्त किए और यह जानने के बाद भी कि देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक रूप से चुने गए पदाधिकारी जैसे कि वर्तमान राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधान मंत्री और कई कैबिनेट मंत्री और कई पदधारी और पूर्व मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिपरिषद आरएसएस के समर्थक और सदस्य रहे हैं।

एक अन्य वकील ने जावेद अख्तर को 100 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा

वहीं जोशी के अलावा, मुंबई के एक वकील और आरएसएस कार्यकर्ता संतोष दुबे ने बुधवार को जावेद अख्तर को कथित रूप से आरएसएस के खिलाफ "झूठी और मानहानिकारक" टिप्पणी करने के लिए 100 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा और उनसे माफी मांगने को कहा है। वकील संतोष दुबे ने कहा कि जावेद अख्तर के साक्षात्कार ने "आरएसएस की छवि और सम्मान" को नुकसान पहुंचाया है। उनकी शिकायत में कहा गया है कि जावेद अख्तर आरएसएस और उसके स्वयंसेवकों को बदनाम करने में सफल रहे हैं।

Web Title: mumbai Lawyer Dhrutiman Josh sent notice to javed akhtar for remarks on rss asked to apologize

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