लाइव न्यूज़ :

महापुरुषों पर कीचड़ उछालने वालों पर हो सख्त कार्रवाई 

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: November 18, 2025 07:17 IST

कभी महात्मा गांधी के बारे में कोई बेसिरपैर की बातें कह देता है, कभी जवाहरलाल नेहरू, कभी सरदार पटेल, कभी बाबासाहब आंडेबकर, कभी सावरकर तो कभी किसी अन्य बड़े नेता के बारे में.

Open in App

देश के महान समाज सुधारक राजा राममोहन राय पर की गई अपनी अनुचित टिप्पणी के लिए मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने माफी भले ही मांग ली हो लेकिन यह बेहद चिंताजनक बात है कि वोट बैंक की अपनी तुच्छ राजनीति के लिए हमारे नेता इस तरह से महापुरुषों पर कीचड़ उछालने में भी संकोच नहीं कर रहे हैं. स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आगर मालवा में शनिवार को हुए एक कार्यक्रम में परमार ने कहा था कि ‘राजा राममोहन राय एक ब्रिटिश एजेंट थे, उन्होंने देश में उनके दलाल के रूप में काम किया, उन्होंने धर्मांतरण का एक दुष्चक्र शुरू किया था.’

हालांकि विवाद बढ़ने पर परमार ने कहा कि उनके मुंह से गलती से यह निकल गया था लेकिन इतनी बड़ी बात कोई गलती से कैसे कह सकता है? परमार को पता हो या नहीं, लेकिन देश में स्कूली बच्चे भी जानते हैं राजा राममोहन राय ने हिंदू धर्म की कुरीतियों, जैसे कि सती प्रथा, बाल विवाह आदि का विरोध किया था. उनका उद्देश्य हिंदू धर्म में सुधार करना था, न कि लोगों को किसी दूसरे धर्म में परिवर्तित करना.

बेशक, महापुरुषों की कथनी और करनी का गंभीर आलोचनात्मक विश्लेषण किया जा सकता है लेकिन इतिहास के बारे में बिना कुछ पढ़े ही, किसी भी महापुरुष के बारे में कुछ भी कह देना क्या अपमानजनक नहीं है? महापुरुषों की छवि को मलिन करने की यह कोशिश कोई नई नहीं है. कभी महात्मा गांधी के बारे में कोई बेसिरपैर की बातें कह देता है, कभी जवाहरलाल नेहरू, कभी सरदार पटेल, कभी बाबासाहब आंडेबकर, कभी सावरकर तो कभी किसी अन्य बड़े नेता के बारे में.

कोई मामूली आदमी अगर ऐसी बातें करे तो फिर भी उसकी अनदेखी की जा सकती है लेकिन किसी प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जैसे बड़े पद पर बैठे व्यक्ति के मुंह से ऐसी बातें निकलें तो उसे कैसे अनदेखा किया जाए? अक्सर राजनीतिक बहसों के दौरान विभिन्न दलों के नेता एक-दूसरे पर हमला करने के लिए महापुरुषों के बारे में अपमानजनक बयान देते हैं और अब तो सोशल मीडिया के उदय के साथ, अपमानजनक टिप्पणियां करना और उन्हें प्रसारित करना और भी आसान हो गया है.

ऑनलाइन मंचों पर अक्सर महापुरुषों को निशाना बनाया जाता है. इसलिए इन पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाना और उन पर कड़ाई से अमल करना बेहद जरूरी है ताकि कोई महापुरुषों की छवि मलिन करके अपनी राजनीति चमकाने की शर्मनाक कोशिश न कर सके.

टॅग्स :Inder Singh ParmarभारतIndiaBJP
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वनेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भारत, चीन से लिपिलेख के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा नहीं करने को कहा, जानिए वजह

भारतभाजपा के खिलाफ था, हिंदुओं के खिलाफ नहीं?, गोवा कांग्रेस नेता गिरीश चोडणकर पर मामला दर्ज?

भारतWest Bengal: काउंटिंग से पहले बीजेपी नेता कुंदन सिंह के नोआपारा स्थित आवास पर बंदूकधारियों का हमला, तनाव बढ़ा | VIDEO

भारत'100000 से ज़्यादा वोटों से जीतेंगे फाल्टा में': ईसी द्वारा 21 मई को दोबारा मतदान का आदेश दिए जाने के बाद बोले BJP के देबांग्शु पांडा

भारतWB Assembly Polls 2026: सुवेंदु अधिकारी ने व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट शेयर किए, मतगणना ड्यूटी के विवरण लीक होने का आरोप लगाया

भारत अधिक खबरें

भारतबरगी बांधः जलयानों की सुरक्षा पर उठते सवाल

भारतनीट-यूजी 2026 परीक्षाः देशभर के 551 और विदेश के 14 शहरों में 23 लाख पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल

भारतAssembly Elections Results 2026: 4 राज्य, 1 यूटी, 823 सीटें, 4 मई को विधानसभा चुनावों के लिए वोटों की गिनती की पूरी तैयारी

भारतबिहार को हरा भरा बनाने में जीविका दीदियां निभा रही हैं अहम भूमिका, पिछले छह वर्षों में 40000000 से भी अधिक किया गया पौधरोपण

भारतUP: सपा प्रमुख अखिलेश यादव का दावा, बंगाल की सत्ता में दीदी थीं और दीदी रहेंगी