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जयंतीलाल भंडारी ब्लॉग: खाद्यान्न उत्पादन बढ़ा, भंडारण क्षमता भी बढ़े

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: June 24, 2023 13:52 IST

देश में लगातार बढ़ता हुआ रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन भारत की खाद्य सुरक्षा को मजबूती प्रदान कर रहा है, साथ ही इसी आधार पर भारत से दुनिया की अपेक्षाएं भी लगातार बढ़ रही हैं।

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ठळक मुद्देभारत गेहूं का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश हैपैक्स को बहुउद्देशीय बनाया जाएगा और खाद्यान्न भंडारण में विविधता लाई जा सकेगी।देश में खाद्यान्न भंडारण की जो क्षमता फिलहाल 1450 लाख टन की है

इन दिनों खाद्यान्न संकट की चुनौतियों से संबंधित विभिन्न वैश्विक रिपोर्टों और वैश्विक सम्मेलन में भारत को मजबूत खाद्य सुरक्षा वाले देश के साथ-साथ खाद्यान्न संकट का सामना करने वाले देशों के लिए आदर्श मददगार के रूप में रेखांकित किया जा रहा है।

हाल ही में हैदराबाद में आयोजित जी-20 कृषि मंत्रियों के सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस समय जब दुनिया के सामने खाद्य सुरक्षा की चिंताएं उभरकर दिखाई दे रही हैं तब भारत बैक टू बेसिक्स एंड मार्च टू फ्यूचर की नीति के साथ देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत बनाते हुए दुनिया की खाद्य सुरक्षा में भी मदद कर रहा है।

इस सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि देश में कृषि-विविधता को बढ़ावा, कृषि क्षेत्र में प्रभावी नीतियों, डिजिटल कृषि आदि से किसानों को लाभ मिल रहा है और देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है।

ऐसे में निश्चित रूप से इस परिप्रेक्ष्य में पिछले दिनों 31 मई को भारत सरकार के द्वारा स्वीकृत सहकारी क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी खाद्यान्न भंडारण क्षमता बनाने की योजना भारत ही नहीं, दुनिया की खाद्य सुरक्षा में भी मील का पत्थर साबित होगी।

यह कोई छोटी बात नहीं है कि विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष सहित दुनिया के विभिन्न सामाजिक सुरक्षा के वैश्विक संगठनों के द्वारा भारत की खाद्य सुरक्षा की जोरदार सराहना की जा रही है।

भारत में जहां कोरोना काल में कमजोर वर्ग के 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त अनाज दिया गया, वहीं इस वर्ष जनवरी 2023 से वर्षभर गरीबों की खाद्य सुरक्षा तथा आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए मुफ्त अनाज वितरित किया जा रहा है।

वर्ष 2023 में वर्षभर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत आने वाली देश की दो तिहाई आबादी को राशन प्रणाली के तहत मुफ्त में अनाज देने की यह पहल दुनिया भर में रेखांकित की जा रही है।

नि:संदेह एक ऐसे समय में जब दुनिया के कई देशों में खाद्यान्न की कमी बनी हुई है, तब भारत वैश्विक खाद्य सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहा है. संयुक्त राष्ट्र की संस्था इंटरनेशनल फंड ऑफ एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट के मुताबिक पिछले साल 2022 में भारत ने गेहूं की भारी कमी झेल रहे दुनिया के 18 देशों को गेहूं भेजा है।

आज दुनिया में जहां चीन गेहूं का सबसे बड़ा उत्पादक देश है, वहीं भारत गेहूं का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है, रूस तीसरे नंबर पर है. भारत दुनिया का 9वां सबसे बड़ा खाद्यान्न निर्यातक देश भी है।

देश में लगातार बढ़ता हुआ रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन भारत की खाद्य सुरक्षा को मजबूती प्रदान कर रहा है, साथ ही इसी आधार पर भारत से दुनिया की अपेक्षाएं भी लगातार बढ़ रही हैं. कृषि वर्ष 2022-23 में 3305.34 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन का अनुमान है, जो देश में अब तक रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन है।

कृषि वर्ष 2022-23 में चावल का कुल उत्पादन (रिकॉर्ड) 1355.42 लाख टन होने का अनुमान है. यह पिछले वर्ष की तुलना में 60.71 लाख टन अधिक है. देश में गेहूं का उत्पादन (रिकॉर्ड) 1127.43 लाख टन अनुमानित है जो पिछले वर्ष के उत्पादन की तुलना में 50.01 लाख टन अधिक है।

 न्यूट्री/मोटे अनाज का उत्पादन 547.48 लाख टन अनुमानित है जो पिछले वर्ष के उत्पादन से 36.47 लाख टन अधिक है. 2022-23 के दौरान कुल दलहन उत्पादन 275.04 लाख टन अनुमानित है जो पिछले वर्ष के 273.02 लाख टन के उत्पादन से 2.02 लाख टन अधिक है. साथ ही इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष (इंटरनेशनल मिलेट्स ईयर) 2023 जिस तरह उत्साहवर्द्धक रूप से आगे बढ़ रहा है तथा उत्पादन बढ़ाने के विशेष प्रयास हो रहे हैं, अधिक धन आवंटन तथा विशेष कार्ययोजनाएं लागू की गई हैं, उनसे भी मोटा अनाज का उत्पादन छलांगें लगाकर बढ़ेगा और इन सबके कारण अधिक खाद्य सुरक्षा का विश्वास बढ़ेगा.

गौरतलब है कि नई खाद्यान्न भंडार क्षमता योजना लगभग एक लाख करोड़ रुपए के खर्च के साथ शुरू होगी. इस समय देश का खाद्यान्न उत्पादन लगभग 3100 लाख टन है, जबकि भंडारण क्षमता कुल उत्पादन का केवल 47 प्रतिशत ही है. यद्यपि भारत दुनिया का प्रमुख खाद्यान्न उत्पादक देश है, लेकिन खाद्यान्न भंडारण में बहुत पीछे है. अनाज के अन्य बड़े उत्पादक देशों चीन, अमेरिका, ब्राजील, यूक्रेन, रूस और अर्जेन्टीना के पास खाद्यान्न भंडारण क्षमता वार्षिक उत्पादन की मात्रा से कहीं अधिक है.

ऐसे में देश में खाद्यान्न भंडारण की जो क्षमता फिलहाल 1450 लाख टन की है, उसे अगले 5 साल में सहकारी क्षेत्र में 700 लाख टन अनाज भंडारण की नई क्षमता विकसित करके कुल खाद्यान्न भंडारण क्षमता 2150 लाख टन किए जाने का लक्ष्य रखा गया है. इस लक्ष्य को पाने के लिए प्रत्येक प्रखंड में 2000 टन क्षमता का गोदाम स्थापित किया जाएगा.

इस योजना के क्रियान्वयन में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) की अहम भूमिका होगी. देश में अभी करीब एक लाख पैक्स हैं. पैक्स के स्तर पर भंडार गृह, प्रसंस्करण इकाई आदि कृषि व्यवस्थाएं निर्मित करके पैक्स को बहुउद्देशीय बनाया जाएगा और खाद्यान्न भंडारण में विविधता लाई जा सकेगी।

टॅग्स :भारतभोजनFood Ministry
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