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अभिषेक कुमार सिंह का ब्लॉग: इलेक्ट्रिक वाहनों की राह को बनाना होगा आसान

By अभिषेक कुमार सिंह | Updated: January 18, 2023 13:26 IST

जहां तक आम लोगों में इलेक्ट्रिक वाहनों में रुचि बढ़ने का सवाल है तो इसमें संदेह नहीं कि अब लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन एक अच्छा विकल्प प्रतीत हो रहे हैं।

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ठळक मुद्देप्रदूषण की चिंताओं के मद्देनजर सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की नीति पर काम कर रही है।लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर मोड़ने से जलवायु परिवर्तन की प्रतिबद्धताओं को कुछ हद तक पूरा किया जा सकता है।इससे ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं के समाधान की राह खुल सकती है।

दिल्ली के नजदीक यूपी के ग्रेटर नोएडा में हुए ऑटो एक्सपो-2023 में इस बार अगर किसी बात की सबसे ज्यादा चर्चा रही तो वे इलेक्ट्रिक यानी बिजली से चलने वाले वाहन हैं। करीब तीस से ज्यादा ऑटो कंपनियों (कार, स्कूटर, बाइक, बस आदि) ने इस बार के ऑटो शो में अपने उत्पादों की झलक यहां पेश की। जिन कार-स्कूटर कंपनियों ने इसमें शिरकत की, उनका मुख्य जोर अपने इलेक्ट्रिक वाहन संभावित ग्राहकों को दिखाना था। 

ऐसा स्वाभाविक भी है। प्रदूषण की चिंताओं के मद्देनजर सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की नीति पर काम कर रही है। लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों (कारों-स्कूटरों) की ओर मोड़ने से जलवायु परिवर्तन की प्रतिबद्धताओं को कुछ हद तक पूरा किया जा सकता है। इससे ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं के समाधान की राह खुल सकती है।

जहां तक आम लोगों में इलेक्ट्रिक वाहनों में रुचि बढ़ने का सवाल है तो इसमें संदेह नहीं कि अब लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन एक अच्छा विकल्प प्रतीत हो रहे हैं। इस संबंध में मोबिलिटी कंज्युमर इंडेक्स (एससीआई) द्वारा जुलाई 2022 में कराए गए सर्वेक्षण में साफ हुआ है कि देश के कार खरीदारों में से 52 फीसदी अपनी अगली कार इलेक्ट्रिक व्हीकल के रूप में ही लेने का विचार कर रहे हैं। 

इससे पूर्व वर्ष 2021 में कराए गए इसी सर्वेक्षण में लोगों ने कहा था कि अगर उन्हें यह विकल्प मिलता है तो पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों की तुलना में वे बीस फीसदी ज्यादा रकम चुकाने को तैयार हैं। हालांकि इस संबंध में लोगों का यह भी कहना था कि उन्हें इससे संबंधित मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी मिलना चाहिए। 

इसका आशय ये है कि अगर ये कारें एक बार चार्ज करने के बाद सौ से दो-तीन सौ मील तक बिना किसी रुकावट के चलने की गारंटी दे सकें, तो उन्हें इलेक्ट्रिक कारों के लिए कुछ ज्यादा रकम चुकाने में कोई समस्या नहीं है। इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना चाहिए, इसे लेकर उन ज्यादातर लोगों में दुविधा नहीं है जिनके पास दूसरी कार खरीदने की क्षमता है। लेकिन पहले वाहन के रूप में इलेक्ट्रिक कार या स्कूटर लेने वाला तबका अभी संशय की स्थिति में है। 

इलेक्ट्रिक वाहनों को व्यापक स्तर पर अपनाए जाने के मार्ग में अभी भी कुछ बाधाएं भी हैं। इनके संचालन में पहली प्रमुख समस्या वाहनों की बैटरी चार्ज करने की है। घरों पर तो इन्हें आसानी से चार्ज किया जा सकता है लेकिन सड़कों पर इन्हें चार्ज करने वाली सुविधाएं अभी नाममात्र को हैं। ऐसे चार्जिंग स्टेशन गिनती के हैं। इसलिए इलेक्ट्रिक वाहनों की राह की बाधाओं को दूर करने की जरूरत है।

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