वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
भारत जैसे देश में किसानों की दुर्दशा का मूल कारण यह है कि सत्ता के गलियारों में उनकी आवाज को गुंजानेवाला कोई नहीं है. वे गरीब हैं, ग्रामीण हैं, अल्प-शिक्षित हैं, प्राय: छोटी जातियों के हैं. उनका कोई ऐसा अखिल भारतीय संगठन नहीं है. ...
कश्मीर के सवाल पर पाकिस्तान से ज्यादा भारत को जोर देना चाहिए. उसे पाकिस्तानी कब्जे के कश्मीर को बातचीत का पहला मुद्दा बनाना चाहिए. इमरान ने फ्रांस और जर्मनी की मिसाल देकर दोस्ती का जो हाथ बढ़ाया है, वह आज नहीं तो कल तो होना ही है. ...
अब आप ही बताइए कि इन दोनों खबरों को एक साथ पढ़कर आप भी सोच में पड़ जाएंगे या नहीं? मनमोहनजी ने जो सलाह मोदी को दी है, उस सलाह की जरूरत क्या और भी नेताओं को मोदी से भी ज्यादा नहीं है? मोदी के निंदक भी मानते हैं कि मोदी के प्रहारों में कुछ दम होता है ज ...
ब्रिटेन यूरोपीय संघ का सदस्य 1973 में बना था. 27 सदस्य राष्ट्रों का यह संघ विश्व में सबसे समृद्ध व शक्तिशाली संघ माना जाता है. दुनिया के सभी महाद्वीपों में इसकी तर्ज पर कई अंतर्राष्ट्रीय संघ बन चुके हैं लेकिन इस संघ को छोड़ने का निर्णय इसके सबसे शक्त ...
यह अजूबा है क्योंकि पहले कोई भी आतंकी हमला कहीं भी हुआ हो, सिंध में, बलूचिस्तान में, पख्तूनख्वाह में या पंजाब में, उसका सारा दोष भारत के मत्थे मढ़ दिया जाता था. ...
6 दिसंबर 1992 को रविवार था. उस दिन दोनों ने मुझसे कई बार फोन पर बात की थी. अब भी भाजपा के योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्नी हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेता राम नाईक राज्यपाल हैं. ...