वेद प्रताप वैदिक वरिष्ठ पत्रकार व राजनीति विश्लेषक हैं। वे प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से जुड़े रहे हैं और उसके हिन्दी सेवा 'भाषा' के संस्थापक संपादक रहे हैं।Read More
मेरिकी वैज्ञानिक ने भारत की आलोचना करते वक्त यह नहीं बताया कि अमेरिका, रु स और चीन ने कितने उपग्रह छोड़े हैं और उनका कितना मलबा अंतरिक्ष में पहले से तैर रहा है. ...
यह स्थायी निवासियों को कश्मीर में संपत्ति खरीदने का अधिकार देती है और गैर-कश्मीरियों को उससे वंचित करती है. गैर-कश्मीरियों से विवाहित स्त्रियों को भी इस अधिकार से वंचित करती है. ...
संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध समिति में यह प्रस्ताव चार बार गिर चुका है, सिर्फ चीन के विरोध के कारण. अब सुरक्षा परिषद में यदि चीन ने वीटो नहीं किया या वह तटस्थ रहा तो प्रतिबंध की घोषणा हो जाएगी. ...
सिंध विधानसभा ने इस आशय का विधेयक पारित कर दिया था लेकिन राज्यपाल ने उस पर दस्तखत नहीं किए. पाकिस्तान की एक हिंदू संस्था का कहना है कि हर साल कम से कम 1000 लोगों को जबरन मुसलमान बनाया जाता है. इमरान खान ने प्रधानमंत्नी बनते ही ऐलान किया था कि वे अल्प ...
यह ठीक है कि शिक्षा और सेवा के क्षेत्न में संघ सराहनीय काम कर रहा है लेकिन सामाजिक बुराइयों के खिलाफ यदि वह कटिबद्ध नहीं होगा तो उसके ये सेवा-कार्य भी निर्थक सिद्ध हो जाएंगे. ...
पुलवामा-कांड के बाद सिर्फ जम्मू में ही नहीं, देश के कई गांवों और शहरों में आम लोग इतने अधिक गुस्से में आ चुके थे कि उनके डर के मारे सैकड़ों कश्मीरी लोग अपने काम-धंधे बंद करके कश्मीर वापस लौट गए थे. ...
अदालत कोई फैसला उस समय देकर अपने गले में पत्थर नहीं बांधना चाहेगी। यानी यह मामला फिर टल गया। यहां मुङो सबसे ज्यादा हैरानी मोदी सरकार पर है। यदि चंद्रशेखर और नरसिंहराव की सरकारें इस मामले में जबर्दस्त पहल कर सकती थीं तो भाजपा क्यों नहीं? ...