भोपाल ब्यूरो प्रमुख, लोकमत समाचार। आंचलिक पत्रकार के तौर पर 1978 में छतरपुर से पत्रकारिता प्रारंभ। प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता पुरस्कार, राजेन्द्र माथुर फैलोशिप, मेदिनी पुरस्कार, डॉ. शंकरदयाल शर्मा अवार्ड, स्व. सत्यनारायण तिवारी लाइफ टाइम अचीवमेंट सम्मान, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय द्वारा मध्यप्रदेश के पत्रकारिता इतिहास पर शोध फैलोशिप जैसे सम्मान मिले। पत्रकारिता के साथ-साथ पत्रकारिता व जनसंचार के अध्यापन में भी तीन दशक से ज्यादा समय से सक्रिय भूमिका का निर्वाह।Read More
लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस कई बड़े नेता अपने वर्तमान या परंपारिक संसदीय को छोड़कर नए क्षेत्रों की तलाश में डटे हैं इसके साथ ही कुछ दूसरे नेताओं परिजन भी लोकसभा चुनाव के मैदान में भाग्य आजमाने के लिए सुरक्षित क्षेत्रों की तलाश मे ...
कांग्रेस के समाने सबसे बड़ी चुनौती बालाकोट की एयर स्ट्राइक के बाद उठ खड़ी हुई राष्ट्रवाद की लहर को थामना है इसके लिए प्रदेश में कांग्रेस अपनी सरकार के कामकाज को प्रस्तुत कर आगे बढ़ना चाह रही है. ...
सूत्रों के अनुसार अब तक जो संकेत हैं उसके मुताबिक जयोतिरादित्य सिंधिया और प्रियदर्शनी राजे सिंधिया दोनों के चुनाव लड़ने की पूरी संभावना है. ज्योतिरादित्य सिंधिया लगातार गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीतते आ रहे हैं और उनको फिर उसी संसदीय क्षेत ...
कमलनाथ के मुख्यमंत्री बन जाने के बाद अब छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र की कमान उनके बेटे नकुल नाथ संभालने जा रहे हैं. कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें अब विधानसभा से चुनाव लड़ना है. ...
राजनीतिक क्षेत्रों में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों कांग्रेस के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी बसपा और सपा पूरी ताकत के साथ लोकसभा चुनाव को लेकर मैदान में शक्रिय हो जाएंगे ...
साफ संकेत मिल रहा है कि त्योतिरादित्य सिंंधिया खुद गुना-शिवपुरी के स्थान पर ग्वालियर सांसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते है. पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने ग्वालियर लोकसभा क्षेत्र के 8 में से 7 विधानसभा क्षेत्रों से विजय प्राप्त की थी. ...
कमलनाथ मंत्रिमंडल के सदस्यों के विभाग वितरण को लेकर जारी विवाद शुक्रवार देर रात शांत हो गया। राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद विभागों का वितरण कर दिया गया है। ...
मुख्यमंत्री मंत्री कमलनाथ के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती गुटीय संतुलन को कायम रखना है मध्यप्रदेश में कांग्रेस विभिन्न गुटों में बंटी हुई है.प्रदेश में सबसे बड़ा गुट या समर्थकों की संख्या दिग्विजय सिंह की मानी जाती है. ...