दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय और ऐसे ही अनेक संस्थानों में अध्यापकों के हजारों पद लंबे समय से खाली पड़े हैं और अतिथि’ (एडहॉक/ गेस्ट) अध्यापकों के जरिए जैसे-तैसे काम निपटाया जा रहा है. ...
पुराण की मानें तो देवता भी इस भूमि पर जन्म लेने की स्पृहा रखते हैं. आधुनिक इतिहास की दृष्टि से इसका महत्व जो भी हो पर उपलब्ध साहित्यिक और पुरातात्विक साक्ष्य ‘भारत’ नामक एक सप्राण रचना की पुष्टि करते हैं जो यहां के निवासियों के मन-प्राण में अभी भी जी ...
शिक्षा के माध्यम के रूप में हिंदी की स्वीकृति और उपयोग न होने से हिंदी की सामग्री की गुणवत्ता भी नकारात्मक रूप से प्रभावित हो रही है पर उससे भी अधिक चिंता की बात यह है हिंदी की पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र-छात्राओं की प्रतिभा का विकास बाधित हो रहा है. ...
भारत सरकार ने 2014 में वाजपेयीजी का जन्मदिन ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाने का निश्चय किया था. भारत की वर्तमान चुनौतियों के बीच सुशासन निश्चय ही सबसे महत्वपूर्ण है। ...
शिक्षा का जो ढांचा अंग्रेज छोड़कर गए और जिसे ज्यों का त्यों अपना लिया गया उसे देख कर यही लगता है कि सिर्फ सत्ता का हस्तांतरण हुआ, साहब बहादुर बदल गए बाकी सारी चीजें वही रहीं. ...
आज मनुष्य विचलित हो रहा है, हिंसा की प्रवृत्तियां प्रबल हो रही हैं, परस्पर अविश्वास पनप रहा है और चित्त अशांत हो रहा है। स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तरों पर जीवन मूल्यों का क्षरण भी परिलक्षित हो रहा है। ऐसे कठिन समय में जगदंबा का स्मरण, वंदन और अ ...