लाइव न्यूज़ :

जिम्बाब्वे सरकार ने अमेरिकी राजदूत को बताया ‘ठग’, “गैंगेस्टरों की एक चौकड़ी” कहा

By भाषा | Updated: July 28, 2020 16:45 IST

सत्ताधारी जानू-पीएफ पार्टी के प्रवक्ता पैट्रिक चिनामासा ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी राजदूत ब्रायन निकोलस और “गैंगेस्टरों की एक चौकड़ी” को गड़बड़ी फैलाने, समन्वित हिंसा और विद्रोहियों को प्रशिक्षण देने के लिये “संसाधन और पैसे” देना बंद करना चाहिए।

Open in App
ठळक मुद्देदूतावास ने हालांकि दक्षिण अफ्रीकी देश में स्थानीय राजनीति में दखल देने के आरोपों को खारिज किया है।अमेरिकी दूतावास पर सरकार विरोधी गतिविधियों का समर्थन करने का आरोप लगाना तेज कर दिया है।

हरारेः जिम्बाब्वे में सत्ताधारी दल ने अमेरिका के राजदूत को निष्कासन की धमकी देते हुए उन्हें “ठग” करार दिया और आरोप लगाया कि वह शुक्रवार को प्रस्तावित सरकार विरोधी प्रदर्शन के आयोजकों की आर्थिक मदद कर रहे हैं।

जिम्बाब्वे सरकार ने हाल के हफ्तों में अमेरिकी दूतावास पर सरकार विरोधी गतिविधियों का समर्थन करने का आरोप लगाना तेज कर दिया है। सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी ढहती अर्थव्यवस्था के बीच भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन के नए आरोपों को लेकर राष्ट्रपति एमर्सन मननगाग्वा पर दबाव बना रहे हैं।

दूतावास ने हालांकि दक्षिण अफ्रीकी देश में स्थानीय राजनीति में दखल देने के आरोपों को खारिज किया है। सत्ताधारी जानू-पीएफ पार्टी के प्रवक्ता पैट्रिक चिनामासा ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी राजदूत ब्रायन निकोलस और “गैंगेस्टरों की एक चौकड़ी” को गड़बड़ी फैलाने, समन्वित हिंसा और विद्रोहियों को प्रशिक्षण देने के लिये “संसाधन और पैसे” देना बंद करना चाहिए।

उन्होंने कहा, “हमारा नेतृत्व उन्हें बाहर का रास्ता दिखाने से हिचकेगा नहीं।” प्रवक्ता ने कहा, “राजनयिकों को ठगों की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए और ब्रायन निकोलस एक ठग हैं।” दूतावास ने तत्काल इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं की है। हालांकि पूर्व में अमेरिकी दूतावास मननगाग्वा सरकार से मानवाधिकारों का सम्मान करने का अनुरोध करता रहा है।

भारतीयों की भावनाएं आहत करने वाले ट्वीट पर नेतन्याहू के बेटे ने मांगी माफी

इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बड़े बेटे ने भारतीयों की भावनाएं आहत करने वाले ट्वीट को लेकर हिंदुओं से माफी मांगी है। सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय 29 वर्षीय येर ने देवी दुर्गा की एक तस्वीर साझा की थी, जिनके चेहरे पर लिआत बेन अरी का चेहरा लगा था।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ के भ्रष्टाचार मामले में अरी अभियोजक हैं। उनके कई हाथों को अभद्र इशारे करते हुए दिखाया गया था। येर ने ट्वीट किया, ‘‘ मैंने एक व्यंगात्मक पेज से ‘मीम’ साझा किया था। मुझे नहीं पता था कि इस तस्वीर का हिंदू आस्था से कोई लेना-देना है। मुझे जैसे ही मेरे भारतीय दोस्तों से इसका पता चला तो मैंने ट्वीट हटा दिया। मैं इसके लिए माफी मांगता हूं।’’ येर के माफी मांगने के ‘‘साहसिक कदम’’ की कई लोग सराहना कर रहे हैं, तो वहीं कई लोगों ने उनके ‘‘गैर जिम्मेदाराना’’ व्यवहार की आलोचना की है।

टॅग्स :ज़िम्बाब्वेअमेरिकाडोनाल्ड ट्रम्प
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारअमेरिका-इजराइल और ईरान जंगः मरघट के चौकीदारों की नकेल कसिए!

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना

कारोबारपश्चिम एशिया संघर्षः भारत मजबूती से उभरा और हालात का डटकर मुकाबला किया?, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा- युद्ध से करोड़ों लोग परेशान, वीडियो

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

विश्व अधिक खबरें

विश्वअफगानिस्तान में भारी बारिश, 77 लोगों की मौत, 137 लोग घायल और हजारों लोग विस्थापित, वीडियो

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल