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यूएनएचआरसी में 2022-24 कार्यकाल के लिए चुना जाना चाहता है अमेरिका:ब्लिंकन

By भाषा | Updated: February 24, 2021 17:01 IST

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वाशिंगटन, 24 फरवरी अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) से अमेरिका के बाहर होने के करीब तीन साल बाद इस वैश्विक संस्था के 2022-24 कार्यकाल के लिए लौटने की इच्छा जताई है।

उन्होंने अमेरिका के इस कदम के पीछे यह तर्क दिया है कि बाइडन प्रशासन लोकतंत्र और मानवाधिकारों को अपनी विदेश नीति के केंद्र में रख रहा है।

गौरतलब है कि जून 2018 में तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को यूएनएचआरसी से बाहर कर लिया था। उन्होंने इसे ‘पाखंडी और स्व-हित साधने वाला संगठन’ करार दिया था, जो इजराइल के प्रति कभी न खत्म होने वाली शत्रुता प्रदर्शित करता है।

जिनिवा स्थित यूएनएचआरसी 47 सदस्यीय एक अंतर-सरकारी संस्था है, जो संयुक्त राष्ट्र के तहत आता है और उसे मानवाधिकारों की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है।

ब्लिंकन ने बुधवार को मानवाधिकार परिषद के 46 वें सत्र को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि वह यूएनएचआरसी में लौटने की अमेरिका की कोशिश में संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों का समर्थन चाहते हैं।

उन्होंने यूएनएचआरसी को अपने पहले संबोधन में कहा, ‘‘अमेरिका लोकतंत्र और मानवाधिकारों को अपनी विदेश नीति के केंद्र में रख रहा है क्योंकि वे शांति एवं स्थिरता के लिए जरूरी हैं। यह मजबूत वादा है...।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यही कारण है कि मुझे इस बात की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अमेरिका 2022-24 के लिए यूएनएचआरसी में चुना जाना चाहता है। हम संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों से विनम्रता से अनुरोध करते हैं कि इस संस्था में एक सीट पाने की हमारी कोशिश का समर्थन करें।’’

बाइडन प्रशासन का यह कदम ट्रंप प्रशासन के एक प्रमुख नीतिगत फैसले को पलट देगा।

ब्लिंकन ने कहा कि वेनेजुएला, निकारागुआ, क्यूबा और ईरान जैसे स्थानों पर मानवाधिकारों का हनन होने के मुद्दे को उठाना अमेरिका जारी रखेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हम रूसी सरकार से अपनी अपील दोहराते हैं कि एलेक्सी नवलनी को बेशर्त फौरन रिहा किया जाए। वह अन्य सैकड़ों रूसियों की तरह अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने को लेकर हिरासत में रखे गये हैं। ’’

उन्होंने कहा कि जब शिंजियांग में एक खास समुदाय के लोगों को प्रताड़ित करने का मुद्दा आएगा या जब हांगकांग में मौलिक स्वतंत्रता की अनदेखी करने का विषय आएगा, अमेरिका सावैभौम मूल्यों की आवाज उठाएगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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