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यूक्रेन में क्लस्टर बम भेजेगा अमेरिका, राष्ट्रपति जो बाइडन ने इसे बताया मुश्किल फैसला, जानें क्या कहा

By मनाली रस्तोगी | Updated: July 8, 2023 07:19 IST

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन का प्रशासन यूक्रेन को हजारों 'कलस्टर म्यूनिशन' (बम) उपलब्ध कराएगा और इस विवादित विस्फोटक से आम लोगों को खतरे को लेकर नाटो के सहयोगियों की चिंताओं को दूर करेगा।

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ठळक मुद्देउत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के लिथुआनिया में होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले यह फैसला हुआ है।'म्यूनिशन' हथियार के तहत हवा में एक बम फेंका जाता है और फिर इसमें से छोटे-छोटे बम निकलते हैं।अमेरिका को लगता है कि यह हथियार रूस को पीछे धकेलने के वास्ते यूक्रेन के लिए जरूरी हैं।

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन का प्रशासन यूक्रेन को हजारों 'कलस्टर म्यूनिशन' (बम) उपलब्ध कराएगा और इस विवादित विस्फोटक से आम लोगों को खतरे को लेकर नाटो के सहयोगियों की चिंताओं को दूर करेगा। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के लिथुआनिया में होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले यह फैसला हुआ है। 

क्या है 'म्यूनिशन' हथियार?

इस सम्मेलन में जो बाइडन सहयोगियों के ऐसे सवालों का सामना कर सकते हैं कि अमेरिका वे हथियार यूक्रेन को क्यों भेज रहा है जिसे नाटो के दो तिहाई से ज्यादा सदस्यों ने प्रतिबंधित कर दिया है, क्योंकि इनका रिकॉर्ड रहा है कि ये आम नागरिकों को बड़ा नुकसान पहुंचाते हैं। 'म्यूनिशन' हथियार के तहत हवा में एक बम फेंका जाता है और फिर इसमें से छोटे-छोटे बम निकलते हैं। 

अमेरिका को लगता है कि यह हथियार रूस को पीछे धकेलने के वास्ते यूक्रेन के लिए जरूरी हैं। सुलिवन ने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि अमेरिका यूक्रेन को ऐसे 'म्यूनिशन' देगा जिनमें से निकलने वाले छोटे बमों के न फटने की दर कम होगी। 

न फटने वाले बम आम लोगों के लिए बड़ा खतरा

सुलिवन ने व्हाइट हाउस में कहा कि वे मानते हैं कि 'क्लस्टर म्यूनिशन' से निकलकर न फटने वाले बम आम लोगों के लिए बड़ा खतरा पैदा करते हैं और यही वजह थी कि अमेरिका जहां तक मुमकिन हुआ इस फैसले को टालता रहा। 

उन्होंने कहा, "हम यूक्रेन को ऐसी स्थिति में नहीं छोड़ेंगे कि वह अपना बचाव ही न कर पाए।" 'क्लस्टर बम' का इस्तेमाल प्रतिबंधित करने के लिए एक संधि पर 120 देशों ने हस्ताक्षर किए हैं लेकिन अमेरिका, रूस और यूक्रेन ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। 

क्या बोले जो बाइडन?

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने शुक्रवार को कहा कि यूक्रेन को क्लस्टर युद्ध सामग्री भेजना एक कठिन निर्णय था लेकिन यूक्रेन को इसकी आवश्यकता थी क्योंकि रूसी आक्रमण के खिलाफ युद्ध में उसके पास गोला-बारूद खत्म हो रहा था।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, बाइडन ने सीएनएन से कहा, "यह मेरी ओर से बहुत कठिन निर्णय था। और वैसे, मैंने अपने सहयोगियों के साथ इस पर चर्चा की। यूक्रेनी लोगों के पास गोला-बारूद खत्म हो रहा है।"

(भाषा इनपुट के साथ)

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