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US: बिना पढ़ाए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बतौर प्रोफेसर फीस के तौर पर लिए लाखों डॉलर, रिपोर्ट में हुए चौंकाने वाले खुलासे, जानें पूरा मामला

By आजाद खान | Updated: January 11, 2023 18:29 IST

ऐसे में एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को 2017 में 371,159 अमेरिकी डॉलर और 2018 व 2019 में 540,484 अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया गया था। दावा यह भी है कि उन्हें यह भुगतान बिना पढ़ाए हुए किया गया है।

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ठळक मुद्देअमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। इससे पहले राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि उपराष्ट्रपति के कार्यकाल के बाद चार साल तक वे पेन में प्रोफेसर थे। ऐसे में इस पर एक खुलासा सामने आया है जिसमें उनके द्वारा बिना पढ़ाए पैसे लेना का दावा किया गया है।

वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यह खुलासा किया है कि उनके उपराष्ट्रपति बनने के बाद चार साल तक वे पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में बतौर प्रोफेसर पढ़ाया है। उन्होंने यह बयान  मेक्सिको सिटी में नॉर्थ अमेरिका लीडर्स समिट में दिया है जहां और भी देशों के बड़े-बड़े नेता वहां मौजूद थे। 

ऐसे में रिपब्लिकन नेशनल कमेटी रिसर्च यूनिट ने अमेरिकी राष्ट्रपति के इस दावे को गलत बताया है और इसे लेकर कुछ खुलासे भी किए है। रिसर्च यूनिट के दावे के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपने प्रोफेसर होने को लेकर वे सही जानकारी नहीं देते रहे है। 

क्या है पूरा मामला

दरअसल, मंगलवार को मेक्सिको सिटी के नॉर्थ अमेरिका लीडर्स समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन कहा था कि 'उपराष्ट्रपति के कार्यकाल के बाद चार साल तक मैं पेन में प्रोफेसर था।' ऐसे में राष्ट्रपति जो बाइडन के इस दावे पर खुलासा करते हुए रिपब्लिकन नेशनल कमेटी रिसर्च यूनिट ने दावे को सही नहीं ठहराया है। 

वहीं फिलाडेल्फिया इन्क्वायरर की एक खोजी रिपोर्ट की अगर माने तो अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को 2017 में 371,159 अमेरिकी डॉलर और 2018 व 2019 में 540,484 अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ऐसे में यह भी खुलासा हुआ है कि राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक भी क्लास नहीं लिया है और न हीं वे कोई कक्षा को पढ़ाए है। 

उनका प्रोफेसर का पद मानद था

खुलासे में यह भी सामने आया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन 2017 में मानद प्रोफेसर पद स्वीकार किया था। ऐसे में अमेरिका में इस पद को "बेंजामिन फ्रैंकलिन प्रेसिडेंशियल प्रैक्टिस प्रोफेसर" के रूप में जाना जाता है। यही नहीं उन्होंने अपने अल्मा मेटर, डेलावेयर विश्वविद्यालय में बाइडेन इंस्टीट्यूट के अलावा वाशिंगटन में पेन बाइडेन सेंटर फॉर डिप्लोमेसी एंड ग्लोबल एंगेजमेंट की भी स्थापना की है। 

ऐसे में दावे में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन मानद पद पर प्रोफेसर थे। इस कारण वे छात्रों को कैंपस में लेक्चर दिया था, लेकिन उन्होंने पूरे सेमेस्टर को नहीं पढ़ाया था।  

टॅग्स :जो बाइडनUSAUniversity
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