लाइव न्यूज़ :

कोरोना संकटः यूरोप में स्कूल खुले, फ्रांस के प्रधानमंत्री बच्चों के साथ कक्षा में बैठे

By भाषा | Updated: September 2, 2020 07:27 IST

फ्रांस में 11 साल और इससे ज्यादा उम्र के सभी स्कूली बच्चों को पूरे दिन मास्क लगाए रखना है। यहां तक की आधी छुट्टी और संगीत कक्षाओं में भी उन्हें मास्क लगाए रखना है।

Open in App
ठळक मुद्देअर्थव्यवस्थाओं को पुनर्जीवित करने के मकसद से यूरोपीय और अन्य देशों में मंगलवार को स्कूल खोल दिए गए। फ्रांस, इजराइल, इंग्लैंड और रूस में स्कूल जाते बच्चों पर कोरोना वायरस के खतरे का असर साफ देखा गया।

पेरिस: कोरोना वायरस महामारी के बावजूद विषमताओं को दूर करने और अर्थव्यवस्थाओं को पुनर्जीवित करने के मकसद से यूरोपीय और अन्य देशों में मंगलवार को स्कूल खोल दिए गए। फ्रांस, इजराइल, इंग्लैंड और रूस में स्कूल जाते बच्चों पर कोरोना वायरस के खतरे का असर साफ देखा गया। स्कूलों को खोलने के साथ ही सुरक्षा के उपाय भी किए गए हैं।

फ्रांस में 11 साल और इससे ज्यादा उम्र के सभी स्कूली बच्चों को पूरे दिन मास्क लगाए रखना है। यहां तक की आधी छुट्टी और संगीत कक्षाओं में भी उन्हें मास्क लगाए रखना है। बलकान के देशों में भी यही नियम लागू किए गए हैं, जबकि कुछ अन्य देशों ने मास्क के प्रति लचीला रुख अख्तियार किया है। वहीं कक्षाओं का नजारा भी पिछले साल से अलग था।

मेजों पर प्लास्टिक की शील्ड लगी हुई थीं और दीवारों पर वायरस की चेतावनी देने वाले बोर्ड थे। अमेरिका में अधिकतर स्कूलों ने सिर्फ ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की हैं जबकि यूरोप में स्कूलों को खोल दिया गया है। सरकारें यह दिखाने की कोशिश कर रही हैं कि वायरस के बावजूद जिंदगी चलती रहेगी।

कोविड-19 ने दुनिया भर में 2.5 करोड़ लोगों को संक्रमित किया है जबकि आठ लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। फ्रांस के प्रधानमंत्री ज्यां कैस्टेक्स प्राथमिक स्कूल में मंगलवार को बच्चों के साथ बैठे जबकि राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो डालकर बच्चों को शुभकामनाएं दीं।

ब्रिटेन में शिक्षा मंत्री गैविन विल्लियमसन ने माता-पिता को एक खुला पत्र भेजा जिसमें स्कूलों को बच्चों के लिए बेहतरीन स्थान बताया गया है। ब्रिटेन में हजारों बच्चे स्कूल गए। देश में बच्चों को स्कूल भेजने से मना करने पर माता-पिता पर जुर्माना लगाने की बात कही गई है। वहीं स्कूलों ने भी बच्चों के बीच संपर्क को कम करने के लिए उपाय किए हैं।

फ्रांस के पेरिस में अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने आए जेरोम कॉन्टिनेंट ने कहा कि थोड़ा-बहुत डर तो है। हमें सतर्क रहना है और बच्चों को भी जिंदगी जीनी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सरकारों को इस बात की सलाह दी है कि स्कूलों को सुरक्षित तरीके से कैसे खोला जाए। साथ में सोमवार को यह भी माना कि वायरस एक खतरा है, लेकिन स्कूलों को बंद रखने से बच्चों की मानसिक सेहत तथा सामाजिक विकास पर असर पड़ रहा है।

अफ्रीका तथा कई एशियाई देशों में स्कूल बंद हैं लेकिन चीन में स्कूल खुल गए हैं जहां मंगलवार को नियमित छात्रों के आखिरी समूहों के लिए कक्षाएं शुरू हो गईं। 

टॅग्स :कोरोना वायरसफ़्रांस
Open in App

संबंधित खबरें

भारतविदेश में रोड शो करने पर 20 करोड़ रुपए खर्च करेगी योगी सरकार, जापान, जर्मनी, यूएस सहित सात देशों में रोड शो करने ही तैयारी

भारतIran-Israel/US War: मिडिल ईस्ट में तनाव, पीएम मोदी ने ओमान से फ्रांस तक मिलाया फोन; ऊर्जा स्रोतों पर हमले को बताया निंदनीय

कारोबार10 साल पहले मुंबई में रेहड़ी वाला बैंक अकाउंट नहीं खोल सकता था, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा- आज वेंडर फोन पर पेमेंट ले रहा, वीडियो

कारोबारआज असली प्रश्न ये नहीं है भविष्य में AI क्या कर सकती?, वर्तमान में हम Artificial Intelligence के साथ क्या करते हैं?, पीएम मोदी ने कहा, वीडियो

कारोबारप्यार और दिल से जुड़ाव?, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ शेयर की तस्वीर, लिखा- हां AI है, वीडियो

विश्व अधिक खबरें

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल