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पाकिस्तान को झटका, UNHRC में कश्मीर पर प्रस्ताव पास कराने में नाकाम, इस्लामी संगठन ने भी नहीं दिया साथ

By पल्लवी कुमारी | Updated: September 20, 2019 17:35 IST

भारत ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा वापस लेने के लिए संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को रद्द करने के साथ ही राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था। पाकिस्तान ने इस कदम पर आक्रोश जाहिर किया था और वह इस मुद्दे पर भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय राय बनाने की असफल कोशिश करता रहा है।

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ठळक मुद्देसभी प्रमुख अतंरराष्ट्रीय मंचों पर भारत मजबूती से जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को समाप्त किए जाने को आंतरिक मामला बता चुका है।पाकिस्तान को ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉर्पोरेशन (OIC) का भी समर्थन नहीं मिला है।

पाकिस्तान की जम्मू- कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघन के नाम पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में प्रस्ताव लाने की कोशिश नाकाम हो गई है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में कश्मीर पर प्रस्ताव पेश करने का 19 सितंबर आखिरी दिन था, लेकिन पाकिस्तान आवश्यक समर्थन हासिल करने में असफल रहा। 

जिनेवा में चल रहे 42वें मानवाधिमकार सेशन में पाकिस्तान को प्रस्ताव लाने के लिए पर्याप्त संख्या में अन्य देशों का समर्थन नहीं मिला है। नियम कहते हैं, किसी देश के प्रस्ताव के पास कार्रवाई करने से पहले 15 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होती है। भारत का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी कूटनीतिक जीत है।

पाकिस्तान को इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) का भी समर्थन नहीं मिला है। यूएनएचआरसी में 47 देश हिस्सा ले रहे हैं और भारतीय दल भी मजबूती से अपना पक्ष रखा है।

भारत का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में झूठ एवं धोखे के जरिए कश्मीर मुद्दे के “राजनीतिकरण” एवं “ध्रुवीकरण” का पाकिस्तान का प्रयास पूरी तरह विफल हो गया और वैश्विक समुदाय उसके चरित्र से भली- भांति परिचित है।

इस मामले पर पिछले दिनों जानकारी देते हुये विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा था कि यह पाकिस्तान, ऐसा देश जो “आतंकवाद का केंद्र’’ है, का “दुस्साहस’’ है कि वह जिनेवा में यूएनएचआरसी सत्र में मानवाधिकारों पर वैश्विक समुदाय की तरफ से बोलने का ढोंग कर रहा है। कुमार ने पाकिस्तान के उस दावे पर भी सवाल उठाए कि करीब 60 देशों ने जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों की स्थिति पर उसके संयुक्त बयान का समर्थन किया है।

उन्होंने कहा था, “यूएनएचआरसी में 47 सदस्य देश हैं। वे (पाकिस्तान) 60 देशों के समर्थन का दावा कर रहे हैं।” साथ ही उन्होंने कहा कि भारत के पास उन देशों की सूची नहीं है जिनका समर्थन प्राप्त होने का पाकिस्तान दावा कर रहा है। जम्मू-कश्मीर पर भारत के खिलाफ चलाए जा रहे पाकिस्तान के अभियान पर कुमार ने कहा कि पाकिस्तान को यह समझ लेना चाहिए कि ‘‘चार या पांच बार झूठ दोहराने से कोई बात सच नहीं होती। ’’

टॅग्स :पाकिस्तानजम्मू कश्मीरधारा ३७०
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