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कमला हैरिस ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय को किया संबोधित, कहा- भारतीय विरासत पर गर्व है

By भाषा | Updated: August 16, 2020 11:30 IST

कमला हैरिस ने अमेरिका में उपराष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के तौर पर पहली बार भारतीय-अमेरिकी समुदाय को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुझे अपनी भारतीय विरासत पर गर्व है।

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ठळक मुद्दे हैरिस ने कहा, मैं उपराष्ट्रपति पद के लिए दक्षिण एशियाई मूल की पहली उम्मीदवार के तौर पर आपके सामने खड़ी हूं: कमला हैरिस की मां श्यामला गोपालन भारत के तमिलनाडु से अमेरिका आई थीं।

वाशिंगटन: सीनेटर कमला हैरिस ने अमेरिका में उपराष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के तौर पर पहली बार भारतीय-अमेरिकी समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपनी भारतीय विरासत पर गर्व है। हैरिस ने ‘इंडियंस फॉर बाइडेन नेशनल काउंसिल’ द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शनिवार को कहा, ‘‘आज 15 अगस्त, 2020 के दिन मैं दक्षिण एशियाई मूल की पहली अमेरिकी उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर खड़ी हूं।

’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लोगों और अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी लोगों को मैं स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देती हूं। पूरे भारत में पुरुषों एवं महिलाओं ने 15 अगस्त, 1947 के दिन देश की आजादी की घोषणा का जश्न मनाया था।’’ हैरिस का जन्म कैलिफोर्निया के ओकलैंड में 20 अक्टूबर 1964 को हुआ था।

उनकी मां श्यामला गोपालन भारत के तमिलनाडु से अमेरिका आई थीं, जबकि उनके पिता डोनाल्ड जे हैरिस जमैका से अमेरिका आए थे। हैरिस ने कहा, ‘‘मेरी मां श्यामला 19 साल की आयु में जब कैलिफोर्निया में विमान से उतरी थीं, तो उनके पास बहुत कुछ नहीं था, लेकिन उनके माता-पिता- मेरी दादी राजन और मेरे दादा पी वी गोपालन- से मिली सीख उनके साथ थीं।

उन्होंने उन्हें सिखाया कि जब आप दुनिया में अन्याय देखते हैं, तो इसे दूर करने के लिए कुछ करना आपका दायित्व होता है।’’ हैरिस ने कहा, ‘‘इसी ने मेरी मां को उस समय ओकलैंड की गलियों में प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया, जब असैन्य अधिकार आंदोलन चरम पर था।

यह ऐसा आंदोलन था जिसमें डॉ. मार्टिन लूथर किंग जूनियर जैसे नेता भी महात्मा गांधी के अहिंसक आंदोलनों से प्रेरित थे।’’ उन्होंने बताया कि इन्हीं प्रदर्शनों के दौरान उनकी मां और उनके पिता की मुलाकात हुई और आगे की कहानी सभी को पता है।

हैरिस ने कहा, ‘‘मेरी मां मुझे और मेरी बहन माया को उस समय मद्रास कहे जाने वाले शहर ले जाया करती थीं, क्योंकि वह चाहती थीं कि हम यह समझ सकें कि वह कहां से आई हैं और हमारे पूर्वज कहा हैं। वह हमारे अंदर अच्छी इडली के लिए प्यार पैदा करना चाहती थीं।

’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं मद्रास(चेन्नई) में अपने नाना के साथ दूर तक टहलने जाया करती थी, जो उस समय सेवानिवृत्त हो गए थे। मैं उनकी उंगली पकड़कर सुबह उनके साथ टहलने जाती थी और वह मुझे उन नायकों की कहानी सुनाया करते थे, जिनके कारण दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का जन्म हुआ। उनके द्वारा दी गई शिक्षा बड़ा कारण हैं, जिनकी वजह से मैं आज यहां हूं।’’ 

टॅग्स :अमेरिकाकमला हैरिसभारत
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