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James Webb: दुनिया की सबसे शक्तिशाली अंतरिक्ष दूरबीन ऐतिहासिक मिशन पर रवाना, जानिए इस बारे में सबकुछ

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: December 25, 2021 19:49 IST

नासा की ‘जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरबीन’ ने दक्षिण अमेरिका के उत्तर-पूर्वी तट स्थित फ्रेंच गुयाना अंतरिक्ष केंद्र से शनिवार सुबह उड़ान भरी। यह अंतरिक्ष में भेजी गई अब तक की सबसे बड़ी और सर्वाधिक शक्तिशाली दूरबीन है।

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ठळक मुद्दे‘जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरबीन’ को दक्षिण अमेरिका के फ्रेंच गुयाना अंतरिक्ष केंद्र से स्पेस में भेजा गया।यूरोपीय रॉकेट ‘एरियन’ पर रखकर ‘जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरबीन’ को एतिहासिक मिशन पर रवाना किया गया।16 लाख किलोमीटर की दूरी की यात्रा करेगा यह दूरबीन, तारों सहित आकाशगंगाओं पर खोज है लक्ष्य।

न्यूयॉर्क: पहले तारों, आकाशगंगाओं की साहसिक खोज और जीवन के संकेतों का पता लगाने के वास्ते ब्रह्मांड की पड़ताल के लिए विश्व की सबसे बड़ी और सर्वाधिक शक्तिशाली अंतरिक्ष दूरबीन शनिवार को अपने अभियान पर रवाना हो गई। 

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की ‘जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरबीन’ ने दक्षिण अमेरिका के उत्तर-पूर्वी तट स्थित फ्रेंच गुयाना अंतरिक्ष केंद्र से क्रिसमस की सुबह यूरोपीय रॉकेट ‘एरियन’ पर सवार होकर अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी। 

16 लाख किलोमीटर की दूरी की यात्रा

यह अपने गंतव्य तक पहुंचने में 16 लाख किलोमीटर या चंद्रमा से चार गुना अधिक दूरी की यात्रा तय करेगी। इसे वहां पहुंचने में एक महीने का समय लगेगा और फिर अगले पांच महीनों में इसकी आंखें ब्रह्मांड की पड़ताल शुरू करने के लिए तैयार होंगी। 

नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था, 'यह हमें हमारे ब्रह्मांड और उसमें हमारे स्थान की बेहतर समझ देने जा रही है कि हम कौन हैं, हम क्या हैं।' 

हालांकि, उन्होंने आगाह करते हुए यह भी कहा था, 'जब आप एक बड़ा पुरस्कार चाहते हैं, तो आपके सामने आमतौर पर एक बड़ा जोखिम होता है।' 

कितना बड़ा है ‘जेम्स वेब' दूरबीन

यह दूरबीन आकार में काफी बड़ा और जटिल है। इसका मिरर 6.5 मीटर (21 फीट) व्यास का है। यह हबल टेलीस्कोप के दर्पण के आकार का तीन गुना है। साथ ही ये 18 हेक्सागोनल सेक्शन से बना है। यह इतना बड़ा है कि इसे रॉकेट में फिट करने के लिए मोड़ कर रखना पड़ा। 

टेलीस्कोप में लगे बेहद नाजुक उपकरण को अंतरिक्ष की परिस्थितियों में बदलाव से बचाने के लिए रॉकेट बनाने वाले एरियनस्पेस ने एक कस्टम डीकंप्रेसन सिस्टम लगाया है। ‘जेम्स वेब' का ऑर्बिट हबल टेलीस्कोप से कहीं ज्यादा बडा होगा। हबल धरती के 600 किलोमीटर ऊपर 1990 से स्थापित है।

(भाषा इनपुट)

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