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35 देशों को एक साथ लाएंगे, होर्मुज जलडमरूमध्य पर करेंगे बातचीत?, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने दिया झटका

By सतीश कुमार सिंह | Updated: April 1, 2026 17:36 IST

ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और नीदरलैंड उन देशों में शामिल हैं, जिन्होंने इस पर हस्ताक्षर किए हैं।

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ठळक मुद्देसैन्य योजनाकारों को भी बुलाएंगे ताकि यह देखा जा सके कि हम अपनी क्षमताओं को कैसे जुटा सकते हैं।लड़ाई समाप्त होने के बाद जलडमरूमध्य को सुलभ और सुरक्षित कैसे बना सकते हैं। आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही फिर से शुरू करने के लिए अपना सकते हैं।

लंदनः ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन इस सप्ताह होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय राजनयिक सम्मेलन की मेजबानी करेगा। उन्होंने आगे कहा कि 35 देशों ने एक बयान पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग पर समुद्री सुरक्षा बहाल करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई गई है। स्टार्मर ने कहा कि बैठक में सभी व्यवहार्य राजनयिक और राजनीतिक उपायों का आकलन किया जाएगा जिन्हें हम नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने, फंसे हुए जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही फिर से शुरू करने के लिए अपना सकते हैं। बैठक के बाद, हम अपने सैन्य योजनाकारों को भी बुलाएंगे ताकि यह देखा जा सके कि हम अपनी क्षमताओं को कैसे जुटा सकते हैं।

लड़ाई समाप्त होने के बाद जलडमरूमध्य को सुलभ और सुरक्षित कैसे बना सकते हैं। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और नीदरलैंड उन देशों में शामिल हैं, जिन्होंने इस पर हस्ताक्षर किए हैं। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध का प्रभाव "हमें एक पीढ़ी के लिए परिभाषित करेगा" और यह 1970 के दशक में ऊर्जा की कीमतों में हुई वृद्धि के समान हो सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध में सहयोग देने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाने वाले मित्र देशों के लिए कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी अमेरिका की नहीं है। राष्ट्रपति ने अनुमान जताया कि अमेरिकी सेना दो से तीन सप्ताह में हमले खत्म कर देगी। उन्होंने कहा कि ईरान द्वारा बाधित किए गए होर्मुज जलडमरूमध्य में क्या होता है।

उससे अमेरिका का ‘‘कोई लेना-देना नहीं होगा।’’ इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को खुला रखने की जिम्मेदारी उन देशों की है जो इस पर निर्भर हैं। ट्रंप ने कहा, ‘‘यह हमारा काम नहीं है। यह फ्रांस का काम होगा। यह उनका काम होगा, जो इस जलडमरूमध्य का इस्तेमाल कर रहे हैं।’’ जलडमरूमध्य के बंद होने से अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत चार अमेरिकी डॉलर प्रति गैलन से अधिक हो गई।

जलडमरूमध्य के बाधित होने से अमेरिका में गैस की औसत कीमत चार अमेरिकी डॉलर प्रति गैलन के पार चली गई। इस बीच, अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच मंगलवार तड़के अमेरिकी हमले में ईरान के इस्फहान शहर में स्थित एक परमाणु ठिकाने को निशाना बनाया गया, जबकि तेहरान ने जवाबी कार्रवाई में दुबई तट के पास एक कुवैती तेल टैंकर पर हमला किया।

इन इमलों ने क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता को और बढ़ा दिया है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद शुरू हुए इस युद्ध में 3,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। इससे तेल एवं प्राकृतिक गैस की वैश्विक आपूर्ति में बड़ा व्यवधान पैदा हुआ है।

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