लाइव न्यूज़ :

‘अमेरिका के राज्यों ने कैसे अमीर विदेशियों को संपत्तियां छुपाने मे मदद की’

By भाषा | Updated: October 10, 2021 21:49 IST

Open in App

डोवर (अमेरिका), 10 अक्टूबर (एपी) कर चोरों के पनाहगाह (टैक्स हैवन) का नाम सामने आते ही सामान्य तौर पर कैरेबियाई देश कैमन द्वीप या स्विट्जरलैंड के बैंकों की तस्वीर उभरती है, न कि अमेरिका के साउथ डकोटा शहर की। लेकिन कैसे विश्व के नेताओं और अमीर लोगों ने अपनी संपत्तियां छिपाई, यह बताने वाली एक रिपोर्ट अमेरिका में कर चोरों को पनाह देने वाले स्थानों को नए सिरे से जांच के दायरे में लेकर आयी है।

‘इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स’ द्वारा जारी रिपोर्ट ‘पैंडोरा पेपर्स’ ने प्रभावशाली एवं भ्रष्ट लोगों के छुपाकर रखे गए धन की जानकारी दी और बताया है कि इन लोगों ने किस प्रकार हजारों अरब डॉलर की अवैध संपत्ति को छुपाने के लिए विदेश में खातों का इस्तेमाल किया।

इस रिपोर्ट में अमेरिका के विभिन्न स्थानों में ट्रस्ट में गुप्त खातों का भी खुलासा किया गया जिनमें से साउथ डकोटा में 81, फ्लोरिडा में 37 और डेलवेयर में 35 खातों का पता चला।

रिपोर्ट के मुताबिक, जिन लोगों ने साउथ डकोटा के ट्रस्ट का इस्तेमाल कर चोरी के लिए किया, उनमें इक्वाडोर के राष्ट्रपति गुलेर्मो लासो और चीनी उद्योगपति तथा डोमिनिका गणराज्य के पूर्व उपराष्ट्रपति कार्लोस मोराल्स ट्रोन्कोसो के परिवार के सदस्य शामिल हैं।

दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन पोर्न साइट में से एक पोर्नहब के सह-मालिक डेविड टैसिलो का नाम भी पैंडोरा पेपर्स में सामने आया है और डेलवेयर में उनके नाम से दो छद्म कंपनियां पंजीकृत होने का पता चला है।

साउथ डकोटा में 2019 तक 100 से अधिक ट्रस्ट कंपनियों की करीब 370 अरब डॉलर की संपत्ति थी। अकेले एक कंपनी साउथ डकोटा ट्रस्ट कंपनी एलएलसी ने अपनी वेबसाइट पर 100 अरब डॉलर से अधिक की संपत्ति होने की बात कही थी। उसके 15 प्रतिशत ग्राहकों में 54 देशों के अंतरराष्ट्रीय परिवार आते हैं।

डेलवेयर ने क्रेडिट कार्ड और वित्तीय सेवा उद्योग की शुरुआत 1981 में की। राज्य में अब 47 स्टेट और राष्ट्रीय ट्रस्ट कंपनियां हैं, जिसमें 3.8 अरब डॉलर की संपत्तियां हैं।

अमीर लोगों के अमेरिका के कई राज्यों में अपनी संपत्तियों को छिपाने की मुख्य वजह उन राज्यों के सांसदों द्वारा ‘‘किसी भी ट्रस्ट के एक पूर्व निर्धारित समय-सीमा तक मौजूद रहने का नियम’’ ध्वस्त करना रहा। इन नियमों को हटाने से तथाकथित वंशवादी ट्रस्टों की स्थापना की राह आसान हुई जिसमें अमीर लोग आने वाली अपनी पीढ़ियों तक पैसा बिना किसी कर का भुगतान किए भेज सकते हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टTamil Nadu: 6 साल बाद मिला न्याय! पिता-पुत्र की हिरासत में मौत केस में 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड

विश्वVIDEO: पनामा नहर के पास ब्लास्ट, आसमान में दिखा धुएं का गुबार, कई घायल

कारोबारPetrol, Diesel Price Today: ईंधन की कीमतों ने बढ़ाई टेंशन! क्या भारत में महंगा हो गया पेट्रोल और डीजल? जानें

क्राइम अलर्टकोई इतना अमानवीय और क्रूर कैसे हो सकता है?

विश्व‘एलिमेंट्‌स’ को बचानेवाले फारसी विद्वान और यूक्लिड से प्रेरित शरलॉक 

विश्व अधिक खबरें

विश्वयदि ईरान पर जमीनी हमला हुआ तो...

विश्वखुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की मौत, इजराइल-अमेरिका ने ईरान किया हमला, 25 मरे?, जवाब में ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागीं

विश्वअफगानिस्तान में भारी बारिश, 77 लोगों की मौत, 137 लोग घायल और हजारों लोग विस्थापित, वीडियो

विश्वसमय तेजी से बीत रहा और 48 घंटे बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा?, ट्रंप ने कहा- होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले तो?

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक