लाइव न्यूज़ :

कोरोना वायरस के डेल्टा स्वरूप के साथ हर्ड इम्युनिटी संभव नहीं : विशेषज्ञों ने किया आगाह

By भाषा | Updated: August 11, 2021 16:56 IST

Open in App

(अदिति खन्ना)

लंदन, 11 अगस्त ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड वैक्सीन समूह के प्रमुख ने आगाह किया है कि कोविड-19 के अत्यधिक संक्रामक डेल्टा स्वरूप ने हर्ड इम्युनिटी की संभावना को कठिन बना दिया है।

हर्ड इम्युनिटी का अर्थ किसी समाज या समूह के कुछ प्रतिशत लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास के माध्यम से किसी संक्रामक रोग के प्रसार को रोकना है। हर्ड इम्युनिटी की संभावना वहां होती है जहां किसी देश की ज्यादातर आबादी किसी वायरस से प्रतिरक्षा हासिल कर लेती है।

प्रोफेसर एंड्रयू पोलार्ड ने मंगलवार को कोरोना वायरस पर सर्वदलीय संसदीय समूह (एपीपीजी) को बताया कि एक और अत्यधिक संक्रामक रोग का डर अब भी बना हुआ है और ऐसा कुछ नहीं है जो जानलेवा संक्रमण को फैलने से पूरी तरह रोक सके।

हालांकि, साथ ही उन्होंने कहा कि ‘‘घबराने’’ की कोई बात नहीं है। उन्होंने ब्रिटिश सरकार की कोविड-19 रोधी टीके की प्रस्तावित तीसरी बूस्टर खुराक पर शंका जतायी।

प्रोफेसर पोलार्ड ने कहा, ‘‘इस संक्रमण के साथ दिक्कत यह है कि यह खसरा नहीं है। अगर 95 प्रतिशत लोगों को खसरे का टीका लगा दिया जाता है तो यह वायरस फैल नहीं सकता। वहीं डेल्टा स्वरूप उन लोगों को संक्रमित करता है जो टीका लगवा चुके हैं। इसका मतलब है कि जिसने अभी तक टीका नहीं लगवाया है वह कभी न कभी संक्रमित हो सकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास ऐसा कुछ नहीं जो संक्रमण को फैलने से रोकेगा इसलिए मुझे लगता है कि हम ऐसी स्थिति में हैं जहां हर्ड इम्युनिटी संभव नहीं है और मुझे संदेह है कि यह वायरस ऐसा नया स्वरूप पैदा करेगा जो टीका लगवा चुके लोगों को भी संक्रमित करने में सक्षम होगा।’’

यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंगलिया में औषधि के प्रोफेसर और संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ पॉल हंटर ने भी इसका समर्थन किया है। उन्होंने कहा, ‘‘हर्ड इम्युनिटी की अवधारणा हासिल नहीं की जा सकती क्योंकि हम जानते हैं कि यह संक्रमण टीका न लगवाने वाले लोगों में फैलेगा और ताजा आंकड़ें यह दिखाते हैं कि टीकों की दो खुराक संक्रमण के खिलाफ संभवत: केवल 50 फीसदी सुरक्षा देती हैं।’’

इस बीच, विशेषज्ञों ने ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जावेद की उन योजनाओं को समर्थन दिया है जिसमें अगले महीने से सबसे अधिक खतरे वाले समूहों को फ्लू का टीका लगाने के साथ ही कोविड-19 रोधी टीके की तीसरी बूस्टर खुराक देने का प्रस्ताव है।

ब्रिटेन में मार्च के बाद से मंगलवार को कोरोना वायरस से सबसे अधिक 149 मरीजों की मौत हुई लेकिन नए मामले 23,510 आए जो सोमवार को आए 25,161 मामलों से कम हैं।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटबाबर आज़म PSL में 4000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज़ बने

भारतमियांपुर गांव को रविंद्र नगर कहिए जनाब?, सीएम योगी बोले-गांव में मियां नहीं तो नाम क्यों?, लखीमपुर खीरी से बंगाल चुनाव में खेला दांव?

भारतबांका राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसरः क्लासरूम में आपत्तिजनक थे छात्र और छात्रा?, आग की तरह अफवाह फैली, जमकर नारेबाजी

क्रिकेटPunjab Kings vs Sunrisers Hyderabad IPL 2026: 36 गेंद में 105 रन, अभिषेक शर्मा ने 18 गेंद में बनाए फिफ्टी

क्रिकेटकैच लो मैच जीतो?, प्रशंसकों को चौंकाया, एक हाथ से कैच लेकर किशन को किया आउट?, जानसेन ने किया कमाल, वीडियो

विश्व अधिक खबरें

विश्वअमेरिका ईरान की जब्त संपत्तियां रिहा करने पर हुआ सहमत, इस्लामाबाद वार्ता के बीच रिपोर्ट का दावा

विश्वUS-Iran War: अमेरिका-ईरान वार्ता के लिए वैंस की टीम इस्लामाबाद पहुंची, ट्रंप बोले— 'गुड लक'

विश्वHormuz Toll: ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम, होर्मुज पर नहीं चलेगा 'टोल राज'

विश्वधरती पर लौट आए NASA के चंद्रयात्री?, आर्टेमिस 2 ने सफलतापूर्वक की लैंडिंग, वीडियो

विश्वमिया खलीफ़ा ने लेबनान पर हुए हवाई हमलों पर एक भावुक वीडियो शेयर किया, कहा- 'मेरे टैक्स के पैसे मेरे वतन के साथ ऐसा कर रहे हैं'