लाइव न्यूज़ :

पूर्व प्रधानमंत्री ब्लेयर, मेजर ने बोरिस जॉनसन की ब्रेक्जिट विधेयक योजना के बहिष्कार का किया आह्वान

By भाषा | Updated: September 13, 2020 19:52 IST

‘इंटरनल मार्केट बिल’ पर सोमवार को संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में होने वाली बहस से पहले जॉनसन की अपनी ही कंजरवेटिव पार्टी के जॉन मेजर और विपक्षी लेबर पार्टी के ब्लेयर ने चेतावनी दी कि जो प्रधानमंत्री की तरफ से प्रस्तावित किया जा रहा है वह ''चौंकाने'' वाला है।

Open in App
ठळक मुद्देकंजरवेटिव पार्टी के मेजर 1990 से 1997 तक प्रधानमंत्री रहे। इसके बाद लेबर पार्टी के ब्लेयर 1997 से 2007 तक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे।विधेयक उत्तरी आयरलैंड प्रोटोकॉल से संबंधित है जोकि ब्रेक्जिट अलगाव समझौते का हिस्सा है। यदि यह विधेयक कानून बन जाता है तो यह ब्रिटेन के मंत्रियों को ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड के बीच माल की आवाजाही से संबंधित नियमों को संशोधित करने अथवा ''नकारने'' की शक्ति प्रदान करेगा।

लंदन: ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्रियों टोनी ब्लेयर और जॉन मेजर ने एकजुट होकर रविवार को संसद सदस्यों से आह्वान किया कि वे ब्रेक्जिट अलगाव समझौते के कई हिस्सों को पलटने वाले प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के प्रस्तावित कानून का बहिष्कार करें। ‘इंटरनल मार्केट बिल’ पर सोमवार को संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में होने वाली बहस से पहले जॉनसन की अपनी ही कंजरवेटिव पार्टी के जॉन मेजर और विपक्षी लेबर पार्टी के ब्लेयर ने चेतावनी दी कि जो प्रधानमंत्री की तरफ से प्रस्तावित किया जा रहा है वह ''चौंकाने'' वाला है और इसका ना केवल यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ बल्कि अन्य देशों के साथ भविष्य की सभी व्यापारिक वार्ताओं पर व्यापक प्रभाव होगा।

दोनों ने ‘द संडे टाइम्स’ में लिखे एक संयुक्त लेख में कहा, ‘‘यदि सरकार वापसी संधि के विशिष्ट भागों के बारे में चिंतित है, तो उन्हें सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए तैयार तंत्र हैं। पहले उदाहरण में ब्रिटेन और ईयू के बीच बातचीत के माध्यम से और इसके विफल होने पर स्वतंत्र मध्यस्थता के माध्यम से समाधान किया जा सकता है।

इन विकल्पों को नजरअंदाज करने के लिए इसे चुना गया है। इसके बजाय, वापसी संधि को अनिश्चित्ता में डाल दिया गया है और यूरोपीय संघ को यह सवाल करने के लिए ठोस कारण दिया है कि क्या ब्रिटेन पर यूरोपीय संघ के साथ भविष्य के किसी भी व्यापार समझौते को लेकर भरोसा किया जा सकता है अथवा नहीं?''

कंजरवेटिव पार्टी के मेजर 1990 से 1997 तक प्रधानमंत्री रहे। इसके बाद लेबर पार्टी के ब्लेयर 1997 से 2007 तक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे। विधेयक उत्तरी आयरलैंड प्रोटोकॉल से संबंधित है जोकि ब्रेक्जिट अलगाव समझौते का हिस्सा है।

यदि यह विधेयक कानून बन जाता है तो यह ब्रिटेन के मंत्रियों को ब्रिटेन और उत्तरी आयरलैंड के बीच माल की आवाजाही से संबंधित नियमों को संशोधित करने अथवा ''नकारने'' की शक्ति प्रदान करेगा जोकि जनवरी 2021 से प्रभावी होगा।  

टॅग्स :ब्रिटेनब्रेक्जिटइंडिया
Open in App

संबंधित खबरें

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

भारतमाफ कीजिए मुनिश्रीजी, आप गलत बोल गए

पूजा पाठBaisakhi 2026: सिर्फ पंजाब ही क्यों? भारत के इन 5 शहरों में भी दिखती है बैसाखी की रौनक, चेक करें बेस्ट स्पॉट्स

भारतहोर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर 35 देशों की बैठक, ब्रिटेन पीएम कीर स्टॉर्मर ने भारत को दिया न्योता?, विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल?

विश्व अधिक खबरें

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

विश्व2027 में रिटायरमेंट और 2026 में जबरन हटाया?, सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज पर गाज?, ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा में हलचल

विश्वअमेरिका-इजरायल के वार बेअसर? हमलों के बावजूद ईरान की मिसाइल क्षमता बरकरार: रिपोर्ट