लाइव न्यूज़ :

हरियाली बढ़ाने में भारत का अनूठा साझेदार है डेनमार्क: जयशंकर

By भाषा | Updated: September 5, 2021 13:25 IST

Open in App

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि डेनमार्क अपनी क्षमता, अनुभवों और सर्वश्रेष्ठ तौर-तरीकों के कारण हरियाली को बढ़ाने के भारत के प्रयासों में उसका ‘बेहद अनूठा साझेदार’ है और उसके अनुभव, विकास के इस चरण में भारत जैसे देश के लिए बहुत मददगार हैं। द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने तथा यूरोपीय संघ के साथ भारत के सहयोग को और मजबूत करने के लिए तीन यूरोपीय देशों- स्लोवेनिया, क्रोएशिया और डेनमार्क के अपने दौरे के अंतिम चरण में जयशंकर डेनमार्क पहुंचे। शनिवार को उन्होंने डेनमार्क के अपने समकक्ष जेप्पे कोफोड के साथ भारत-डेनमार्क संयुक्त आयोग बैठक (जेसीएम) के चौथे दौर की सह-अध्यक्षता की। जेसीएम बैठक के बाद जारी वक्तव्य में विदेश मंत्री ने कहा कि डेनमार्क और भारत के संबंधों में अनूठी बात यह है कि डेनमार्क ही इकलौता ऐसा देश है जिसकी भारत के साथ हरित रणनीति साझेदारी है। जयशंकर ने कहा, ‘‘हर कोई कहता है बेहतर पुनर्निर्माण हो लेकिन हम चाहते हैं कि पुनर्निर्माण हरित भी हो और हरित पुनर्निर्माण के लिए हमारा यह मानना है कि डेनमार्क बहुत, बहुत ही खास साझेदार है क्योंकि आपके पास क्षमता है, अनुभव है और सर्वश्रेष्ठ तौर-तरीके हैं जो भारत जैसे देश के लिए विकास के इस चरण में अत्यंत सहायक हैं।’’ विदेश मंत्रालय की ओर से नई दिल्ली में जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि यह जयशंकर की डेनमार्क की पहली यात्रा है और बीते 20 साल में किसी भारतीय विदेश मंत्री की भी इस देश की पहली यात्रा है। विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों ने संयुक्त आयोग में विचार-विमर्श किया जिसने अगले पांच वर्षों के लिए संयुक्त कार्य योजना तैयार की है। उन्होंने बीते डेढ़ वर्ष के दौरान यात्रा संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए काम करने वाले दोनों ओर के अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा, ‘‘ हमने देखा कि कोविड के दौर में किस तरह संयुक्त कार्य योजना का क्रियान्वयन हुआ।’’ उन्होंने बताया, ‘‘हमारे संयुक्त आयोग में 10 कार्य समूह हैं और हमने अभी अभी स्वास्थ्य विषय पर 11वां कार्य समूह जोड़ा है। कोविड के संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता स्पष्ट है।’’ द्विपक्षीय कारोबारी संबंधों को बढ़ाने के विषय पर जयशंकर ने कहा कि उन्होंने ‘अत्यंत महत्वपूर्ण’ उद्यमों के पांच मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से मुलाकात की, वे व्यवसाय जो भारत में अहम हैं, जो बड़ा बदलाव ला सकते हैं। विदेश मंत्री ने बताया कि डेनमार्क की 200 कंपनियां भारत में काम कर रही हैं। आज यहां भी भारतीय कंपनियों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कोविड संबंधी हालात, कैसे दोनों देश इससे निबटे, क्या सीख मिली और यात्रा तथा आवाजाही के विषय में क्या चुनौतियां पेश आईं, इस बारे में भी चर्चा हुई।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वईस्टर से पहले यूरोप में 12 टन किटकैट चॉकलेट चोरी, कंपनी ने कहा- 'चोरों के बेहतरीन स्वाद की तारीफ़ करते हैं'

भारतमिडिल ईस्ट विवादः राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में अंतर-मंत्रालयी समूह का गठन, शाह, सीतारमण और पुरी होंगे सदस्य, एक्शन में पीएम मोदी?

भारतहम पाकिस्तान की तरह ‘दलाल राष्ट्र नहीं’?, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा- पड़ोसी देश ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थता करने की पेशकश की?

भारतकाम के बोझ से अभिजात वर्ग की नींद उड़ी!, हर दिन 20 घंटे तक काम?

भारत28 फरवरी से 18 मार्च, पश्चिम एशिया से 2.6 लाख लोग भारत लौटे, विदेश मंत्रालय ने कहा-यूएई के हवाई अड्डे से 70 उड़ानें संचालित?

विश्व अधिक खबरें

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

विश्व2027 में रिटायरमेंट और 2026 में जबरन हटाया?, सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज पर गाज?, ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा में हलचल

विश्वअमेरिका-इजरायल के वार बेअसर? हमलों के बावजूद ईरान की मिसाइल क्षमता बरकरार: रिपोर्ट

विश्वNASA Artemis II: पृथ्वी पीछे छूटी, लक्ष्य सामने! मानव इतिहास में पहली बार आर्टेमिस II 'वहां' जाने की तैयारी, जहां कोई नहीं पहुंचा