लाइव न्यूज़ :

साइप्रस में मिला कोरोना वायरस का नया वेरिएंट, ओमीक्रोन और डेल्टा से मिलकर बना

By विनीत कुमार | Updated: January 9, 2022 09:51 IST

कोरोना का एक नया वेरिएंट मिला है जिसमें ओमीक्रोन और डेल्टा वेरिएंट जैसे लक्षण मौजूद हैं। कह सकते हैं ये नया वेरिएंट दो वेरिएंट का एक तरह से मिश्रित स्वरूप है।

Open in App
ठळक मुद्देसाइप्रस में शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस के नए वेरिएंट की खोज की, 'डेल्टाक्रोन' नाम दिया।इसमें डेल्टा जीनोम के भीतर ओमाइक्रोन जैसे जिनेटिक सिग्नेचर, वेरिएंट से जुड़े 25 मामले अभी तक मिले हैं।डेल्टाक्रोन के क्या और भी मामले मौजूद हैं, या यह कितना खतरनाक है, इसे लेक अभी तस्वीर साफ नहीं है।

नई दिल्ली: ओमीक्रोन से पूरी दुनिया में जारी अफरातफरी के बीच कोरोना वायरस का एक और नया वेरिएंट सामने आया है। साइप्रस में शोधकर्ताओं ने वायरस के इस नए वेरिएंट की खोज की है जो डेल्टा और ओमीक्रोन से मिलकर बना है। भारत में कोरोना की दूसरी लहर के लिए डेल्टा वेरिएंट ही जिम्मेदार था, जिससे बड़ी संख्या में मौतें हुई थीं।

ब्लूमबर्ग न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार साइप्रस विश्वविद्यालय में जैविक विज्ञान के प्रोफेसर लियोनडियोस कोस्त्रिकिस ने इस वेरिंट को 'डेल्टाक्रोन' नाम दिया है। डेल्टा जीनोम के भीतर अपने ओमाइक्रोन जैसे जिनेटिक सिग्नेचर की वजह से इसे यह नाम दिया गया है।

डेल्टाक्रोन कितना खतरनाक हो सकता है?

रिपोर्ट के अनुसार, कोस्त्रिकिस और उनकी टीम ने अब तक वायरस के इस वेरिएंट से जुड़े 25 मामले पाए हैं। अभी यह साफ नहीं है कि इस वेरिएंट के क्या और भी मामले मौजूद हैं या फिर यह कितना खतरनाक हो सकता है।

उन्होंने कहा, 'हम भविष्य में देखेंगे कि क्या यह स्ट्रेन अधिक संक्रामक है या प्रबल होगा। सिग्मा टीवी के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उनका मानना ​​है कि डेल्टाक्रोन से अधिक संक्रामक ओमीक्रोन है।'

रिपोर्ट के अनुसार शोधकर्ताओं ने इस सप्ताह अपने नतीजे GISAID को भेजे हैं। यह एक अंतरराष्ट्रीय डेटाबेस है जो वायरस को ट्रैक करता है। 'डेल्टाक्रोन' वेरिएंट खोज उस समय हुई है जब दुनिया पहले ही ओमीक्रोन से परेशान है। दुनिया भर में ओमीक्रोन वेरिएंट के मामले तेजी स बढ़ रहे हैं। इस वजह से कोविड-19 के मामलों में भी तेज वृद्धि दुनिया भर में देखी गई है।

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अमेरिका में औसतन पिछले सात दिन से 6 लाख नए कोरोना केस रोज आ रहे हैं। यह पिछले सप्ताह के मुकाबले 72% ज्यादा है।

कुछ दिन पहले फ्रांस में मिला था एक और वेरिएंट

इसी महीने की शुरुआत में फ्रांस में भी कोरोना वायरस के एक नए वेरिएंट की पहचान की गई थी।  वायरस के इस वेरिएंट में 46 म्यूटेशन देख गए।  वैज्ञानिकों के अनुसार यह वेरिएंट सबसे पहले अफ्रीकी देश कैमरून की यात्रा करने वाले एक शख्स में मिला था। नए वेरिएंट को B.1.640.2 नाम दिया गया था। इस वेरिएंट N501Y म्यूटेशन मौजूद है, जिसे पहली बार अल्फा वेरिएंट पर देखा गया था। विशेषज्ञों का मानना ​​​​है कि इससे यह ज्यादा संक्रामक साबित हो सकता है।

टॅग्स :कोरोना वायरसओमीक्रोन (B.1.1.529)Delta
Open in App

संबंधित खबरें

स्वास्थ्यCOVID-19 infection: रक्त वाहिकाओं 5 साल तक बूढ़ी हो सकती हैं?, रिसर्च में खुलासा, 16 देशों के 2400 लोगों पर अध्ययन

भारत'बादल बम' के बाद अब 'वाटर बम': लेह में बादल फटने से लेकर कोविड वायरस तक चीन पर शंका, अब ब्रह्मपुत्र पर बांध क्या नया हथियार?

स्वास्थ्यसीएम सिद्धरमैया बोले-हृदयाघात से मौतें कोविड टीकाकरण, कर्नाटक विशेषज्ञ पैनल ने कहा-कोई संबंध नहीं, बकवास बात

स्वास्थ्यमहाराष्ट्र में कोरोना वायरस के 12 मामले, 24 घंटों में वायरस से संक्रमित 1 व्यक्ति की मौत

स्वास्थ्यअफवाह मत फैलाओ, हार्ट अटैक और कोविड टीके में कोई संबंध नहीं?, एम्स-दिल्ली अध्ययन में दावा, जानें डॉक्टरों की राय

विश्व अधिक खबरें

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

विश्व2027 में रिटायरमेंट और 2026 में जबरन हटाया?, सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज पर गाज?, ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा में हलचल

विश्वअमेरिका-इजरायल के वार बेअसर? हमलों के बावजूद ईरान की मिसाइल क्षमता बरकरार: रिपोर्ट

विश्वNASA Artemis II: पृथ्वी पीछे छूटी, लक्ष्य सामने! मानव इतिहास में पहली बार आर्टेमिस II 'वहां' जाने की तैयारी, जहां कोई नहीं पहुंचा