लाइव न्यूज़ :

चीन, अमेरिका ने बाइडन के कार्यकाल में सैन्य स्तर की पहली वार्ता की, अफगान संकट पर चर्चा

By भाषा | Updated: August 28, 2021 18:14 IST

Open in App

चीन और अमेरिका ने इस साल जनवरी में राष्ट्रपति जो बाइडेन के सत्ता में आने के बाद अपने पहले दौर की सैन्य-स्तरीय वार्ता के दौरान अफगानिस्तान में तेजी से बदल रहे हालात पर चर्चा की। मीडिया की एक खबर में ऐसा कहा गया है। अंतरराष्ट्रीय सैन्य सहयोग के लिए पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ऑफिस के उप निदेशक मेजर जनरल हुआंग जुएपिंग ने पिछले हफ्ते अपने अमेरिकी समकक्ष माइकल चेज के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बातचीत की। हांगकांग के अखबार ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने सैन्य अधिकारियों के हवाले से कहा है, ‘‘अफगानिस्तान संकट, सबसे जरूरी मुद्दों में से एक है जिस पर चर्चा करने की आवश्यकता है...चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने (इस साल की शुरुआत में) अलास्का वार्ता में इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन उनके अमेरिकी समकक्ष ने इसे नजरअंदाज कर दिया।’’ बाइडन के सत्ता में आने के बाद मार्च में अमेरिका और चीन ने अलास्का में अपनी पहली उच्च स्तरीय वार्ता की, जहां वांग और शीर्ष चीनी राजनयिक यांग जिएची ने अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन के साथ बातचीत की। चीनी अधिकारी ने कहा, ‘‘चीनी सेना ने बीजिंग में अमेरिकी दूतावास में रक्षा अताशे के माध्यम से मध्यम-स्तरीय सैन्य संवाद माध्यम बनाए रखा है, और (पिछले सप्ताह की बातचीत में) पहली बार वरिष्ठ अधिकारियों ने बातचीत फिर से शुरू की है।’’ वांग और चीन के विदेश नीति प्रमुख यांग ने मार्च में अलास्का में अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन से मुलाकात की थी तब चीन ने अफगानिस्तान के बारे में खुफिया जानकारी का आदान-प्रदान करने की उम्मीद की थी क्योंकि बीजिंग का मानना था कि अगर अमेरिका ने अफगानिस्तान से अपने सभी सैनिकों को वापस बुला लिया तो स्थिति जटिल और जोखिम भरी हो जाएगी। चीनी सैन्य अधिकारी के हवाले से खबर में कहा गया है, ‘‘अगर अमेरिका और चीन, अफगानिस्तान के जोखिम आकलन को लेकर बातचीत शुरू कर देते तो इससे दोनों देशों को इतना नुकसान नहीं होता। चीन ने तीन महीने पहले अपने लगभग सभी नागरिकों को निकाल लिया।’’ चीनी अधिकारी ने कहा, ‘‘चीन को इस बात की चिंता है कि चरमपंथी ताकतें, खासकर ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट(ईटीआईएम) अफगानिस्तान में अराजकता के बीच अपनी शक्ति और प्रभाव का विस्तार करेगी, जिसे रोकने के लिए चीन, अमेरिका और अन्य देशों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटके13.5 घंटे शव के साथ 331 यात्री और चालक दल ने किया सफर?, उड़ान भरने के बाद 60 वर्ष की महिला की मौत, हांगकांग से लंदन जा रही ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA32 की घटना

विश्वपूर्व राष्ट्रपति बाइडन सहित अमेरिकी नेताओं को पीएम मोदी ने उपहार में क्या-क्या दी?, विदेश मंत्रालय ने सूची जारी की, देखिए 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2024 तक की पूरी सूची

विश्व2021 में चीन छोड़कर हांगकांग, इक्वाडोर और बहामास होते हुए छोटी नाव से फ्लोरिडा पहुंचा गुआन हेंग?, शिनजियांग के निरोध केंद्रों का गुप्त रूप से वीडियो यूट्यूब पर जारी कर चीनी सच को दिखाया?

विश्वदुनियाभर में आफत?, हांगकांग में आग, 128 मरे, थाईलैंड में बाढ़ से 145 की मौत और श्रीलंका में बाढ़-भूस्खलन से 56 की मौत

विश्वHong Kong Fire: भीषण आग की चपेट में दर्जनों जिंदगियां, हांगकांड में इमारतों में लगी आग में मरने वालों की संख्या 94 हुई, कई लोग अब भी लापता

विश्व अधिक खबरें

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

विश्व2027 में रिटायरमेंट और 2026 में जबरन हटाया?, सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज पर गाज?, ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा में हलचल