लाइव न्यूज़ :

चीन में बर्ड फ्लू के H3N8 स्ट्रेन से इंसानों के संक्रमित होने का पहला मामला आया सामने, चार साल का बच्चा वायरस की चपेट में

By विनीत कुमार | Updated: April 27, 2022 09:16 IST

बर्ड फ्लू के H3N8 स्ट्रेन से इंसानों के संक्रमण का पहला मामला सामने आया है। चीन में चार साल का एक बच्चा इससे संक्रमित पाया गया।

Open in App
ठळक मुद्देचीन के मध्य हेनान प्रांत में चार साल का बच्चा बर्ड फ्लू के H3N8 स्ट्रेन से संक्रमित मिला है।H3N8 स्ट्रेन से किसी इंसान के संक्रमित होने का दुनिया में ये पहला मामला है।एनएचसी के अनुसार फिलहाल ये बात पता चली है कि ये ज्यादा खतरनाक नहीं है और इसमें प्रभावी तरीके से फैलने की क्षमता नहीं है।

बीजिंग: चीन में बर्ड फ्लू के H3N8 स्ट्रेन से इंसानों के संक्रमित होने का पहला मामला सामने आया है। चीन के स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है। साथ ही कहा गया कि लोगों में इसके फैलने का खतरा बेहद कम है। सामने आई जानकारी के अनुसार मध्य हेनान प्रांत के एक चार साल के लड़के को 5 अप्रैल को बुखार और अन्य लक्षण आने के बाद H3N8 स्ट्रेन से संक्रमित पाया गया। 

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने एक बयान में कहा लड़के के संपर्क में आया कोई भी करीबी वायरस से संक्रमित नहीं मिला। बताया गया है कि बच्चा अपने घर पर पाले गए मुर्गियों और कौवे के करीबी संपर्क में था। एनएचसी ने कहा कि H3N8 वेरिएंट इससे पहले दुनिया में घोड़ों, कुत्तों, पक्षियों और सील्स में पाया गया है लेकिन इसके द्वारा किसी मानव के संक्रमित होने की सूचना नहीं मिली थी।

एनएचसी ने कहा कि एक प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि वेरिएंट में अभी तक मनुष्यों को प्रभावी ढंग से संक्रमित करने की क्षमता नहीं है और बड़े पैमाने पर महामारी का जोखिम कम है। चीन में ये मामला उस समय आया जब दुनिया पहले ही कोरोना वायरस से उबरने की कोशिश में जुटी है। कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला भी चीन में ही 2019 में आया था।

बता दें कि चीन में बर्ड फ्लू के कई अलग-अलग स्ट्रेन मिल चुके हैं और कुछ छिटपुट रूप से लोगों को संक्रमित करते रहे हैं। आमतौर पर ऐसे लोग इससे संक्रमित होते हैं जो मुर्गी पालन आदि का काम करते हैं। पिछले साल चीन में H10N3 से मानव के संक्रमित होने का पहला मामला आया था।

गौरतलब है कि चीन में पालन करने और जंगली पक्षियों की कई प्रजातियां है, जो एवियन वायरस के मिश्रण और म्यूटेट (उत्परिवर्तित) के लिए एक आदर्श वातावरण बनाते हैं। लोगों में एवियन इन्फ्लूएंजा की बढ़ती निगरानी का मतलब यह भी है कि अधिक संक्रमण के मामले पाए जा रहे हैं। 

टॅग्स :चीनबर्ड फ्लूकोरोना वायरस
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारअमेरिका-इजराइल ईरान युद्ध के बीच रूस का खामोश खेल

विश्वक्या जख्म पर मरहम लगाएंगे बालेन शाह?

विश्वईरान के साथ युद्ध और यात्रा स्थगित?, 14 और 15 मई को चीन जाएंगे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, देखिए शेयडूल

कारोबारईरानी निशाने पर इजराइल नहीं, खाड़ी के देश!

कारोबारपश्चिम एशिया संकटः यूरिया का उत्पादन 50 प्रतिशत कम, गैस आपूर्ति घटकर 60-65 प्रतिशत, एक्शन में मोदी सरकार?

विश्व अधिक खबरें

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

विश्व2027 में रिटायरमेंट और 2026 में जबरन हटाया?, सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज पर गाज?, ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा में हलचल

विश्वअमेरिका-इजरायल के वार बेअसर? हमलों के बावजूद ईरान की मिसाइल क्षमता बरकरार: रिपोर्ट

विश्वNASA Artemis II: पृथ्वी पीछे छूटी, लक्ष्य सामने! मानव इतिहास में पहली बार आर्टेमिस II 'वहां' जाने की तैयारी, जहां कोई नहीं पहुंचा

विश्वकौन कहता है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता!