लाइव न्यूज़ :

भारत के प्रति आक्रामकता के लिए चीन की निंदा वाला विधेयक बना कानून

By भाषा | Updated: January 2, 2021 12:06 IST

Open in App

(ललित के झा)

वाशिंगटन, दो जनवरी अमेरिकी कांग्रेस के एक द्विदलीय विधेयक में भारत के प्रति चीन के आक्रामक रुख की निंदा की गई है। यह विधेयक अब कानून का रूप ले चुका है क्योंकि सदन ने इस पर ट्रंप के वीटो को खारिज कर दिया।

सदन ने 740 अरब अमेरिकी डॉलर के रक्षा नीति विधेयक पर ट्रंप के वीटो को खारिज कर दिया। इस विधेयक में कई अन्य चीजों के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की निंदा भी शामिल है।

‘नेशनल डिफेंस ऑथोराइजेशन एक्ट’ (एनडीएए) शुक्रवार को कानून बन गया। इसमें एक ऐसा भी प्रस्ताव है जिसमें चीन सरकार से अपील की गई है कि वे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत के प्रति सैन्य आक्रामक रुख को खत्म करें।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 दिसंबर को इस विधेयक पर वीटो इस्तेमाल किया था। हालांकि इस विधेयक को डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन सांसदों का समर्थन हासिल हुआ। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप का कहना था कि इसमें ऐसे प्रावधान हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है।

ट्रंप के कार्यकाल के अंतिम दिनों में उनके लिए यह झटके की तरह है।

भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘आज नए साल के अवसर पर सदन में वोट के साथ संसद ने नेशनल डिफेंस ऑथोराइजेशन एक्ट को कानून बना दिया है। इसमें मेरे प्रस्ताव की कुछ बातें भी शामिल हैं जिसमें चीन से भारत के प्रति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आक्रामक रुख खत्म करने के लिए कहा गया है।’’

चीन और भारत के बीच पिछले साल मई से ही पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गतिरोध जारी है। इस गतिरोध को खत्म करने के लिए दोनों ही देशों के बीच कई चरणों की वार्ता हो चुकी है लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम निकलकर सामने नहीं आया है।

कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत के साथ चीन की सेना का हिंसक आक्रामक रुख या कहीं भी इस तरह का रुख स्वीकार्य नहीं है। और इस कानून में अंकित बातें भारत और दुनिया के अन्य सहयोगियों को नव वर्ष में प्रवेश के साथ समर्थन और एकजुटता का स्पष्ट संदेश देती है।’’

चीन द्वारा सीमा पर लगातार भारत के प्रति आक्रामक रुख रखने को लेकर ‘नेशनल डिफेंस ऑथोराइजेशन एक्ट’ में ‘गंभीर चिंता’ प्रकट की गई है। एनडीएए में कहा गया है कि चीन को ‘भारत के साथ मौजूदा राजनयिक तंत्रों के जरिए तनाव कम करने की दिशा में काम करना चाहिए और विवाद को बल पूर्वक निपटाने की कोशिश से बचना चाहिए।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

विश्वहैती में पर्यटकों के बीच लोकप्रिय किले में भगदड़, 30 लोगों की मौत हो गई और कई घायल, वीडियो

क्राइम अलर्टTCS Nashik: आईटी कंपनी कार्यालय में यौन उत्पीड़न और "जबरन धर्मांतरण"?, केंद्रीय मंत्री संजय कुमार ने तेलंगाना डीजीपी से कहा- बैठक बुलाए और...

क्रिकेटइंडियन प्रीमियर लीगः पिछले 8 मैच आंकड़े, RCB 6 और MI 2 मैच जीते?, आईपीएल में 200 से अधिक रनों का बचाव करते हुए सबसे अधिक जीत

पूजा पाठPanchang 13 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 13 April 2026: आज मिथुन राशिवालों को मिल सकती है बड़ी कामयाबी, जानें सभी राशियों भविष्य

विश्व अधिक खबरें

विश्वकब शर्मिंदा होंगे अमेरिका और इजराइल?

विश्वपाकिस्तान को लेकर इतना बवाल क्यों?

विश्वIRGC ने ट्रंप के नौसैनिक नाकाबंदी के आदेश के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया, विरोधियों को दी चेतावनी

विश्वअमेरिका-ईरान शांति वार्ता विफल, लोग परेशान और हताश?, नागरिकों ने कहा-डोनाल्ड ट्रंप दोषी, हम मुकाबला करेंगे?

विश्वइस्लामाबाद वार्ता क्यों विफल रही? ईरान के स्पीकर ग़ालिबफ़ ने एक-एक बिंदु पर विस्तार से बताया