बिहार के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव बिहार की दिग्गज राजनाीतिक परिवार से हैं। उनके पिता लालू प्रसाद यादव बिहार के मुख्यमंत्री और भारत के रेल मंत्री रह चुके हैं। उनकी मां राबड़ी देवी भी बिहार की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। उनके भाई तेज प्रताप यादव भी सक्रिय राजनीति में हैं। राजनीति में आने से पहले वह क्रिकेटर भी रह चुके हैं। Read More
किसी भी दल ने हेलिकॉप्टरों को लाने के लिए कोई पहल नही की है. पिछले विधानसभा चुनाव में तीन से आठ सीटर तक वाले हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल हुआ था, जिनमें सिंगल और डबल इंजन दोनों के हेलिकॉप्टर शामिल थे. इस चुनाव में भी ये हेलिकॉप्टर किराये पर उपलब्ध हैं, ल ...
लवली आनंद राजद के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ सकती हैं. एनडीए में दाल नहीं गलने के बाद आज पूर्व सांसद लवली आनंद अपने बेटे चेतन आनंद के साथ तेजस्वी के दरबार पहुंची और लालू की लालटेन को थाम लिया. ...
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोडा ने बताया कि बिहार के 38 जिलों में करीब 18.87 लाख प्रवासी थे. इनमें से 16.6 लाख मतदान करने के योग्य थे. इनमें से 13.93 लाख प्रवासी मजदूरों के नाम पहले से ही मतदाता सूची में थे. ...
तेजस्वी यादव ने अपनी नौकरी देने की योजना का खुलासा करते हुए बताया कि 1 लाख 25 हजार डॉक्टरों की जरूरत है. उसी अनुपात में सपोर्ट स्टॉफ की जरुरत है. इसी तरह दूसरे विभागों में भी जरूरत है. ...
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सहित कई किसान संगठनों और विपक्षी दलों ने शुक्रवार को संसद से पारित किए गए तीन कृषि विधेयकों को किसान विरोधी बताते हुए इसके खिलाफ राज्य की राजधानी में प्रदर्शन किया और जुलूस निकाला था। ...
बिहार की सत्ता के दावेदार दो बडे़ गठबंधन एनडीए और महागठबंधन के रणनीतिकारों ने अंदर- ही- अंदर जो युद्ध और योद्धाओं का समीकरण तय कर लिया हो पर, मतदाताओं के सामने अभी तक दोनों गठबंधन की तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है. एनडीए में लोजपा को झोल अभी बना हुआ ...
महागठबंधन और एनडीए दोनों में खींचतान साफ दिख रही है. लेकिन इस बीच तेजस्वी यादव ने रालोसपा को महागठबंधन से आउट कर दिया है. तेजस्वी से बगावत करने के बाद महागठबंधन से दूरी के बाद कुशवाहा लगातार भाजपा नेताओं के संपर्क में थे, लेकिन वहां भी कुशवाहा की दाल ...
रोक के बावजूद प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में टिकटार्थी लालू से मिलने के लिए मचलते दिखाई दे रहे हैं. कुछ को दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है तो कुछ का आवेदन पिछले दरवाजे से अंदर भेज दिया जा रहा है. चूंकि टिकट लालू को ही तय करना है, इसलिए दरबार भी सजने ...