यूडीएफ में आईयूएमएल अहम सहयोगी?, वीडी सतीशन ने कहा-अगर मुस्लिम लीग कमजोर हो जाती है, तो जगह को कौन भरेगा?
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 16, 2026 16:06 IST2026-05-16T15:59:27+5:302026-05-16T16:06:56+5:30
नायर सर्विस सोसाइटी (एनएसएस) के महासचिव जी. सुकुमारन नायर और श्री नारायण धर्म परिपालना (एसएनडीपी) योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नटेसन ने आरोप लगाया कि उन्हें आईयूएमएल के दबाव में इस पद के लिए चुना गया है।

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तिरुवनंतपुरम: कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के दबाव में उन्हें केरल का मुख्यमंत्री चुने जाने के भाजपा और दो हिंदू संगठनों के दावों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शनिवार को कहा कि वह (आईयूएमएल) संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) में एक अहम सहयोगी है और केरल में धर्मनिरपेक्षता के ताने-बाने को बरकरार रखने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। सतीशन ने यहां आईयूएमएल के नेताओं से उनके कार्यालय में मुलाकात कर पार्टी नेतृत्व के साथ चर्चा की।
#WATCH तिरुवनंतपुरम: केरलम के मनोनीत मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने IUML नेताओं से मुलाकात पर कहा, "...केरलम में कुछ ऐसी ताकतें हैं जो नफ़रत फैलाने वाला अभियान चलाने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन IUML और उनके नेता पनकड़ सैयद सादिक अली शिहाब थंगल ने एक मज़बूत धर्मनिरपेक्ष रुख अपनाया है।… pic.twitter.com/8Tfb7pje7a
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 16, 2026
उन्होंने कहा, “आईयूएमएल, यूडीएफ राजनीति के ताकतवर केंद्रों में से एक है। हमने टीम यूडीएफ के रूप में काम किया, जो पहले देखने को नहीं मिला था। हम विधानसभा के अंदर और बाहर एक इकाई के रूप में कार्य करते रहे, जिसमें आईयूएमएल के प्रदेश अध्यक्ष सैयद सादिक अली शिहाब थंगल का समर्थन मिला।”
#WATCH | तिरुवनंतपुरम, केरल: कांग्रेस के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला के आवास पर पहुंचे। pic.twitter.com/mW25XYZ7dn
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 16, 2026
उन्होंने कहा कि यूडीएफ ने एक मजबूत धर्मनिरपेक्ष रुख अपनाया था, जिसे केरल की जनता ने समर्थन दिया। उन्होंने कहा, ‘‘थंगल उस रुख के पीछे की ताकत रहे। मुनंबम और पल्लुरुथी मुद्दों समेत कई मामलों में कुछ ताकतों ने सांप्रदायिक अभियानों के जरिये समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश की। लेकिन आईयूएमएल और थंगल के रुख ने मुझे आश्चर्यचकित कर दिया।’’
सतीशन ने कहा कि बाबरी मस्जिद विध्वंस के दौरान भी आईयूएमएल नेतृत्व ने इसी तरह का धर्मनिरपेक्ष रुख अपनाया था। उन्होंने कहा कि आईयूएमएल ने हमेशा यूडीएफ के धर्मनिरपेक्ष रुख का समर्थन किया है और पार्टी के किसी भी नेता ने सांप्रदायिक टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा, “अगर आईयूएमएल कमजोर हो जाती है, तो उस जगह को कौन भरेगा? यह एक बड़ा सवाल है।
तब खुद केरल खतरे में पड़ जाएगा। हमारे बीच भाइयों जैसा नाता है और हम साथ खड़े हैं।” अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) द्वारा सतीशन को मुख्यमंत्री घोषित किए जाने के बाद, भाजपा नेताओं, नायर सर्विस सोसाइटी (एनएसएस) के महासचिव जी. सुकुमारन नायर और श्री नारायण धर्म परिपालना (एसएनडीपी) योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नटेसन ने आरोप लगाया कि उन्हें आईयूएमएल के दबाव में इस पद के लिए चुना गया है।