सुप्रीम कोर्ट भारत का सर्वोच्च न्यायिक फोरम है। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त 30 अन्य न्यायमूर्ति होते हैं। जिनके पास संविधान समीक्षा समेत अनेक शक्तियां होती हैं। सुप्रीम कोर्ट के पास किसी संबैधानिक मसले पर स्वतः संज्ञान लेने की भी शक्तियां होती हैं। भारत की सुप्रीम कोर्ट भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है। सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा हैं।भारत के संविधान के चैप्टर पांच के पांचवें भाग द्वारा निर्धारित संवैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना 26 जनवरी 1950 में हुई थी। जैसा कि भारतीय संविधान द्वारा कहा गया है, सुप्रीम कोर्ट का काम संविधान के रक्षक के तौर पर काम करना है, संघीय सरकार के प्राधिकार द्वारा स्थापित अदालत और अपील के लिए यह सबसे ऊपरी अदालत है। Read More
न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अगुवाई वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने सुनवाई बुधवार तक टाल दी और कहा कि मामले की सुनवाई के लिए पीठ के संबंध में फैसला प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे लेंगे। न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी, न्यायमूर्ति विनीत शरण, न्यायमूर्ति एम आर श ...
बता दें कि कुछ समय पहले नानावती आयोग ने गुजरात में 2002 के दंगों में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को क्लीन चिट दे दी। इन दंगों में 1000 से अधिक लोग मारे गए थे जिनमें से अधिकतर अल्पसंख्यक समुदाय के थे। राज्य के गृह मंत्री प ...
दिल्ली पटियाला कोर्ट ने चारों दोषियों-मुकेश सिंह (32), विनय शर्मा (26), अक्षय कुमार सिंह (31) और पवन गुप्ता (25) को सुनाई गई मौत की सजा पर अमल का आदेश ‘डेथ वॉरंट’ सात जनवरी को जारी किया था। ...
वर्ष 2012 में दिल्ली में हुए गैंगरेप केस में चारों दोषियों को मौत की सजा सुना दी गई है। राष्ट्रपति के द्वारा खारिज की गई दया याचिका के खिलाफ दोषी मुकेश सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर की है। इस मामले पर तीन जजों की बेंच आज यानी मंगलवार (28 ज ...
राजस्थान उच्च न्यायालय ने पिछले साल 23 जुलाई को खान और गनी सहित छह आरोपियों को बरी कर दिया था जो निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सजा काट रहे थे। ...
याचिकाकर्ता जिया उस सलाम ने पीरजादे द्वारा दायर याचिका में खुद को पक्षकार बनाने का अनुरोध करते हुए कहा कि ना तो कुरान, ना ही हदीस मुस्लिम महिलाओं के मस्जिदों में प्रवेश को निषिद्ध करता है। ...
उदगार राम, बिमलेश कुमार यादव और संजय साफ़ी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि एनपीआर अपग्रेडेशन "मनमाना" है क्योंकि यह नागरिकों, गैर-नागरिकों और विदेशी नागरिकता की मांग करने वाले व्यक्तियों को "बराबर" रखता है। ...