पेरिस में चमकी मध्यप्रदेश की 'बाग प्रिंट' की अनूठी छाप
By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 6, 2026 10:46 IST2026-05-06T10:45:13+5:302026-05-06T10:46:28+5:30
Madhya Pradesh : इससे बाग प्रिंट का पुनरुद्धार हुआ, जो पहले लुप्त होने की कगार पर था। अब शिल्पकारों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म व निर्यात के नए अवसर मिल रहे हैं।

पेरिस में चमकी मध्यप्रदेश की 'बाग प्रिंट' की अनूठी छाप
Madhya Pradesh : फ्रांस की राजधानी पेरिस में मध्यप्रदेश की प्राचीन हस्तशिल्प कला 'बाग प्रिंट' ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी आभा बिखेरी है। यूरोप के प्रतिष्ठित 'फ़ोयर डे पेरिस' मेले में नेशनल अवार्डी शिल्पकार मोहम्मद बिलाल खत्री ने लाइव डेमोंस्ट्रेशन के जरिए प्राकृतिक रंगों और लकड़ी के ठप्पों से बुने जटिल फूल-पत्तियों के डिजाइनों को प्रदर्शित किया। यह उपलब्धि विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) श्रीमती अमृत राज के दूरदर्शी प्रयासों का परिणाम है, जिन्होंने स्थानीय शिल्पकारों को वैश्विक बाजार से जोड़ा।
बाग प्रिंट, मध्यप्रदेश के बाग क्षेत्र की सदियों पुरानी परंपरा है, जहां हाथों से बनाए जाते हैं वे डिजाइन जो प्रकृति की नकल करते हैं। बिलाल खत्री को भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय ने चुना, और पेरिस में उनके स्टॉल पर विदेशी पर्यटक व विशेषज्ञ मंत्रमुग्ध हो गए। मेले के दौरान भारतीय दूतावास की थर्ड सेक्रेटरी सुश्री वर्धा खान और प्रथम सचिव श्री माधव आर. सल्फुले ने पवेलियन का दौरा किया। उन्होंने खुद ब्लॉक प्रिंटिंग आजमाई, शिल्पकार के कौशल की तारीफ की और इसे भारतीय संस्कृति का जीवंत प्रतीक बताया।
श्रीमती अमृत राज ने हस्तशिल्पियों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई, जिसमें तकनीकी प्रशिक्षण, आधुनिक विपणन और अंतरराष्ट्रीय मेलों में भागीदारी शामिल है। इससे बाग प्रिंट का पुनरुद्धार हुआ, जो पहले लुप्त होने की कगार पर था। अब शिल्पकारों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म व निर्यात के नए अवसर मिल रहे हैं।
प्रदेश सरकार का यह कदम न केवल सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित कर रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रहा है। पेरिस की सफलता से मध्यप्रदेश के अन्य हस्तशिल्पों को भी वैश्विक पटल पर पहचान मिलने की उम्मीद है। श्रीमती राज ने कहा, "यह हमारी विरासत का वैश्विक सफर है।"