सुप्रीम कोर्ट भारत का सर्वोच्च न्यायिक फोरम है। सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के अतिरिक्त 30 अन्य न्यायमूर्ति होते हैं। जिनके पास संविधान समीक्षा समेत अनेक शक्तियां होती हैं। सुप्रीम कोर्ट के पास किसी संबैधानिक मसले पर स्वतः संज्ञान लेने की भी शक्तियां होती हैं। भारत की सुप्रीम कोर्ट भारत की राजधानी नई दिल्ली में स्थित है। सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा हैं।भारत के संविधान के चैप्टर पांच के पांचवें भाग द्वारा निर्धारित संवैधानिक निकाय है। इसकी स्थापना 26 जनवरी 1950 में हुई थी। जैसा कि भारतीय संविधान द्वारा कहा गया है, सुप्रीम कोर्ट का काम संविधान के रक्षक के तौर पर काम करना है, संघीय सरकार के प्राधिकार द्वारा स्थापित अदालत और अपील के लिए यह सबसे ऊपरी अदालत है। Read More
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि एक संवैधानिक अदालत होने के नाते यदि शीर्ष न्यायालय इन युवा जोड़ों की भावनाओं पर विचार करेगा, तो अन्य लोगों की भावनाओं पर बड़ी मात्रा में दस्तावेज पेश किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसलिए यह जरूरी है कि न्यायाल ...
केंद्र सरकार समलैंगिक जोड़ों के मुद्दे और उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए एक समिति बनाने पर सहमत है। इसकी जानकारी केंद्र की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बुधवार को दी गई। ...
शमी की पत्नी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के 28 मार्च 2023 के आदेश को चुनौती दी है जिसमें सत्र न्यायालय के आदेश को रद्द करने की उनकी प्रार्थना को खारिज कर दिया गया था। ...
जमीयत उलमा-ए-हिन्द ने याचिका में कहा कि यह फिल्म भारत में समाज के विभिन्न वर्गों के बीच नफरत और दुश्मनी पैदा करने की संभावना है। याचिका में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के अलावा ट्रेलर को इंटरनेट से हटाने की मांग की गई है। ...
सुप्रीम कोर्ट ने इस आधार पर फिल्म की रिलीजिंग पर रोक लगाने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया कि फिल्म नफरत फैलाने वाली 'ऑडियो-विजुअल प्रोपेगेंडा' है। ...
भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डाले गए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी जी कृष्णैया की पत्नी ने जेल से आनंद मोहन की समय पूर्व रिहाई को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसके बाद कोर्ट ने उमा की याचिका को सूचीबद्ध कर दिया है। ...
सुप्रीम कोर्ट ने तलाक के मुद्दे पर बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि अगर पति-पत्नी के बीच रार भरने की उम्मीद नहीं है तो वह संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए शादी को खत्म कर सकता है। इसके लिए छह महीने इंतजार की भी बाध्यता ...