सोनिया गांधी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की पूर्व अध्यक्ष हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पत्नी हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल पार्टी के इतिहास में सबसे लंबा है, जिसमें उन्होंने 2004 और 2009 में केंद्र में सरकार बनाने में प्रमुख भूमिका निभाई। रायबरेली से सांसद हैं। Read More
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार 11 -12 सितंबर को कांग्रेस विपक्ष के नेताओं की बैठक बुलाकर अपनी साझा रणनीति को अमल में लाने की प्रक्रिया तैयार करने के साथ साथ उन मुद्दों को चिन्हित करेगी जो सदन में उठाये जाने हैं। ...
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के साथ-साथ चुनाव लड़ने के संकेत साफ़ हो जाने के बाद आरजेडी अभी तक अपने महागठबंधन को जोड़ नहीं पायी है। जीतन राम मांझी के महागठबंधन को छोड़ देने के बाद के बाद अभी भी यह साफ़ नहीं है कि कांग्रेस, आरजेडी और वाम दल मिलकर लड़ेंग ...
सितारों की चाल पर भरोसा करें तो सोनिया गांधी के विरोधी एक बार फिर सितंबर के अंत में सक्रिय हो सकते हैं. यह बात अलग है कि वे खास कुछ कर नहीं पाएंगे. यह वर्ष 2020 उनके लिए बेहतर है, हालांकि, विरोधी सक्रिय रहेंगे, लेकिन किसी बड़े सियासी संकट का सामना नही ...
‘‘एक राजनीतिक पार्टी कोई स्थिर इकाई नहीं होती, यह गतिशील होती है जहां बदलाव होते हैं। ये अलग-अलग राय और पार्टी में सुधार की मांग सामने आ रही है क्योंकि हम सत्ता में नहीं हैं। अगर हम सत्ता में होते तो आप असहमति की कोई भी आवाज नहीं सुनते।’’ ...
शनिवार तथा रविवार को भी संसद की कार्यवाही जारी रहेगी। संसद सत्र की शुरुआत 14 सितम्बर को होगी और इसका समापन एक अक्टूबर को प्रस्तावित है। सिर्फ पहले दिन को छोड़कर राज्यसभा की कार्यवाही सुबह की पाली में चलेगी जबकि लोकसभा शाम की पाली में बैठेगी। ...
सांसदों, कर्मचारियों सहित करीब 4000 लोगों के लिये कोरोना वायरस टेस्ट कराने, हजारों की संख्या में मास्क, दास्ताने, सैकड़ों सैनिटाइजर की बोतलें, चेहरे ढकने का आवरण या फेस शिल्ड सहित 18 दिनों के सत्र के लिये कई अन्य व्यवस्थाएं की गई है। ...
खड़गे ने कहा, ‘‘मुझे केवल एक अफसोस है, यह उस बारे में बात करने का समय नहीं है, लेकिन फिर भी......ऐसे विद्वान (मुखर्जी) जिन्हें सारे विषय याद रहते थे और इतिहास, धर्म तथा राजनीति जैसे विषयों पर जिनका नियंत्रण था।’’ ...
प्रणब मुखर्जी की राजनीति में एंट्री साल 1969 में हुई, लेकिन उन्हें असली कामयाबी साल 1982 में वित्त मंत्री रहते हुए हासिल की और 1984 के सर्वे में उन्हें दुनिया का बेस्ट फाइनेंस मिनिस्टर करार दिया गया। ...