सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है। जब सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आ जाता है तब पृथ्वी पर पड़ने वाली सूर्य की किरणें अवरुद्ध हो जाती हैं और पृथ्वी के कुछ भागों पर चंद्रमा की परछाईं पड़ने लगती है जिसे हम सूर्य ग्रहण कहते हैं। Read More
विज्ञान की भाषा में वलयाकार सूर्य ग्रहण उसे कहते हैं जब चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है। हालांकि, चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता। ऐसे में सूर्य का बाहरी गोलकारा हिस्सा दिखता रहता है। ऐसे में सूर्य कुछ समय के लिए किसी छल्ले की तरह नजर आता ह ...
सूर्यग्रहण के दौरान कंकण का आरंभ सुबह 9 बजकर 06 मिनट पर होगा। ग्रहण का परमग्रास यानी ग्रहण मध्य सुबह 10 बजकर 48 मिनट पर होगा। कंकण का समापन दोपहर 12 बजकर 29 पर होगा। ग्रहण का मोक्ष काल यानी समापन दोपहर 1 बजकर 36 मिनट पर होगा। ...
इसके कारण सूर्य अग्नि की अंगूठी के समान दिखाई देता है। एम. पी. बिड़ला प्लेनेटोरियम के निदेशक देवी प्रसाद दुआरी ने कहा कि किसी व्यक्ति को उचित सुरक्षा के बिना थोड़ी देर के लिए भी सीधे सूर्य की ओर नहीं देखना चाहिए। यहां तक कि जब सूर्य का 99 प्रतिशत ह ...
भारतीय टेस्ट टीम के उपकप्तान अजिक्य रहाणे और प्रतिभाशाली युवा पृथ्वी शॉ जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी के बाद भी रेलवे ने एलीट ग्रुप बी के मैच के शुरुआती दिन मुंबई की पारी को 114 रन पर समेट दिया। ...
When & where to Watch Surya Grahan Solar eclipse Live Streaming: ये वलयाकार आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। इसे भारत के दक्षिण भाग में ज्यादा बेहतर तरीके से देखा जा सकता है। कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के हिस्सों में ये ज्यादा बेहतर दिखेगा। ...
इस साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को लगने जा रहा है। ग्रहण कोई भी हो, इसमें सभी की खास दिलचस्पी होती है। खासकर वैज्ञानिकों और ज्योतिष विशेषज्ञों की इसमें खास दिलचस्पी होती है। इस वीडियो में जानें क्या सूर्य ग्रहण का समय और किन बातों का रखें ध्यान ...
साल 2019 का आखिरी सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर को होगा। भारत के लगभग सभी इलाको में सूर्य ग्रहण का असर रहेगा। दक्षिण भारत में इसे ज्यादा अच्छे से देखा जा सकेगा। सूर्य ग्रहण का सूतक 25 दिसंबर की रात 8 बजे से ही लग जाएगा। सूतक लगने के बाद पूजा-पाठ इत्यादि नहीं ...