शिवसेना एक राजनीति दल है। यह मुख्यत महाराष्ट्र की क्षेत्रीय पार्टी है। इसकी स्थापना 19 जून 1966 में प्रमुख राजनीतिक कार्टूनिस्ट बालासाहेब ठाकरे ने की थी। इस दल का प्रतीक चिह्न (लोगो) बाघ है। पूरे देश में शिव सेना को एक कट्टर हिन्दू राष्ट्रवादी दल के रूप में जाना जाता है। इस समय उद्धव ठाकरे प्रमुख हैं। इसका मुखपत्र सामना है। Read More
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने हिंदी में कहा, “राज्य में हमारी (गठबंधन) सरकार है। कांग्रेस ने सरकार में शामिल होने का फैसला इसलिये किया ताकि राज्य को बीते पांच साल (जब भाजपा सत्ता में थी) में हुए नुकसान (के दोहर ...
शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा गया कि शिर्डी साईंबाबा की बदौलत समृद्ध हुआ है और जिस शहर में संत की मृत्यु हुई, वहां की समृद्धि को कोई नहीं छीन सकता। इसमें यह भी कहा गया कि साईंबाबा संस्थान की संपत्ति 2,600 करोड़ रुपये से अधिक है और इससे ...
फड़नवीस के इस बयान पर निशाना साधते हुए सेना की प्रवक्ता मनीषा कयांडे ने सोमवार रात कहा कि उनकी पार्टी ने कभी भी अपने नेताओं को लेकर "जोड़तोड़" नहीं की है। फड़नवीस ने दिल्ली में मीडिया से कहा, "चव्हाण ने जो कहा वह बहुत ही आश्चर्यजनक है। उनके इस बयान क ...
पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिरसाट और जंजाल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 323, 324 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 504 (शांति भंग करने के लिए भड़काने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 506 (आपराधिक धमकी) 143 (गैरकानूनी रूप से एकत्र होना), 147, 148 और 14 ...
कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री सी एन अश्वथनारायणन ने कहा कि नेताओं को जनकल्याण के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और जिन मुद्दों का पहले समाधान हो चुका है, उन पर राजनीतिक कारण से लोगों की भावनाओं को उकसाना नहीं चाहिए। ...
महाराष्ट्रः 2014 का विधानसभा चुनाव भाजपा, शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा अलग-अलग लड़े थे। भाजपा को 122, शिवसेना को 63, कांग्रेस को 42 और राकांपा को 41 सीटें हासिल हुई थीं। ...
इससे पहले दोपहर में राउत ने संवाददाताओं से कहा, “सावरकर के विरोधियों को अंडमान सेलुलर जेल (भूतपूर्व) में दो दिन बिताने चाहिए ताकि वे समझ सकें कि अंग्रेजों ने उनके लिए किस तरह की कठिनाइयां पैदा की थीं।” ...
नासिक के जिला कलेक्टर ए.टी.एम जैक्सन की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सावरकर को 1911 में अंडमान जेल ले जाया गया था। इस बात को लेकर विवाद है कि क्या सावरकर ने सेलुलर जेल से अपनी शीघ्र रिहाई के लिये अंग्रेजों से माफी मांगी थी ? ...