शरद पवार का जन्म 12 दिसंबर 1940 को पुणे के बारामती गांव में हुआ था। पवार महाराष्ट्र के प्रमुख नेता में शुमार हैं। वह एनपीसी प्रमुख हैं। वह केंद्र में रक्षा और कृषि मंत्री रह चुके हैं। वह बीसीसीआई के अध्यक्ष रह चुके हैं। सांसद सुप्रिया सुले पवार की बेटी हैं। वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। Read More
राकांपा के प्रमुख शरद पवार ने सरकार पर श्रमिक संघों को कमजोर करने की कोशिश करने तथा उन्हें उस पर निर्भर बनाने का आरोप लगाया और देश में मजदूरों से अपना भविष्य सुरक्षित करने के लिए एकजुट होने की अपील की है। ...
अजीत पवार ने कहा, मुझे व्यक्तिगत रूप से ईवीएम पर पूरा भरोसा है। अगर ईवीएम खराब होती तो छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, पंजाब, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारें नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि हमारे देश म ...
शरद पवार ने कहा था कि अडानी मामले की जेपीसी की जांच की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने ऐसा इसलिए कहा था सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति प्रासंगिक मुद्दों की जांच कर रही है। ...
शरद पवार ने कहा कि सोचने की जरूरत है कि मुद्दे को किसने उठाया (रिपोर्ट दी)। बयान देने वाले का नाम हमने नहीं सुना। पृष्ठभूमि क्या है? ऐसे मुद्दे जब उठते हैं तो देश में हंगामा खड़ा कर देते हैं, कीमत चुकानी पड़ती है....अर्थव्यवस्था पर कैसा असर पड़ता है। ...
मध्य प्रदेश की एक सभा में बोलते हुए राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि ‘‘आदिवासियों की समस्याओं व उनके अधिकारों के लिए हम सब एकजुट होकर सभी विषयों पर चर्चा करेंगे। देश में जितने भी बांध, राजमार्ग एवं रेल मार्ग बने, इनमें सबसे ज्यादा नुकसान आदिवासि ...
एनसीपी चीफ शरद पवार ने राहुल-सावरकर विवाद पर कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में विनायक दामोदर सावरकर के बलिदान नजरअंदाज नहीं कर सकता है, लेकिन उनसे जुड़ी असहमति को आज के दौर में राष्ट्रीय मुद्दा नहीं बनाया जा सकता है। ...
सावरकर विवाद पर एनसीपी चीफ शरद पवार ने कहा कि सावरकर और संघ अलग-अलग हैं और सावरकर तो बीफ खाने का समर्थन करते थे। विपक्षी दलों में से कई दलों के विचार सावरकर पर अलग हो सकते हैं और कुछ के मन में सावरकर के लिए आदर की भावनाएं भी हो सकती हैं। इसलिए सभी को ...
भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने कहा, ‘‘विपक्ष का ईवीएम पर सवाल उठाने का मतलब आने वाले चुनावों में अपनी हार को स्वीकार करना है, क्योंकि उन्हें चुनावों में अपनी हार के लिए वोटिंग मशीनों को दोष देना सबसे सुविधाजनक लगता है।’’ ...