समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने पार्टी की अनदेखी से नाराज होकर समाजवादी सेकुलर मोर्चे का गठन किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की अध्यक्षता में समाजावादी पार्टी से उपेक्षित लोगों को इस मोर्चे से जोड़ा जाएगा। उन्होंने मुलायम सिंह यादव के भी इससे जुड़ने का दावा किया है। 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान सपा के शीर्ष नेतृत्व में बिखराव देखने को मिला था। जब अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव को अध्यक्ष की कुर्सी से हटाकर खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए थे। उन्होंने चाचा शिवपाल यादव की भी अनदेखी की थी। इसके बाद शिवपाल यादव ने नया मोर्चा बनाने का फैसला किया है। Read More
कपिल सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर महिला आरक्षण बिल 2023 को लेकर लिखा कि पेपर पर 2029 के तौर पर स्पष्ट है लेकिन असल में ये अभी भी वास्तविकता से परे है। इसके साथ ही वो केंद्र की मोदी सरकार से प्रश्न करते हैं कि इस बिल को 2014 में क्यों नहीं ...
Sanatan Dharma Controversy: द्रमुक और समाजवादी पार्टी जैसे राजनीतिक दलों के नेता, जो सनातन धर्म को समाप्त करने की बात करते हैं, वे रावण के वंशज हैं। (इंडिया) गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं को अपने गुट से ऐसी पार्टियों को बाहर कर देना चाहिए। ...
UP Legislative Council: समीक्षा अधिकारी के 20 सहायक समीक्षा अधिकारी के 23, एपीएस के 22, अनुसेवक के 12, रिपोर्टर के 13 और सुरक्षा गार्ड के 5 पदों पर भर्ती हुई. जबकि विधान परिषद में विभिन्न श्रेणी के 100 पदों पर भर्तियां की गई. ...
parliament special session: लोकसभा के सबसे बुजुर्ग सदस्य समाजवादी पार्टी के शफीकुर रहमान बर्क और सबसे कम उम्र की सदस्य बीजू जनता दल की चंद्राणी मुर्मू का उल्लेख किया। ...
दारा सिंह चौहान को सपा के सुधाकर सिंह से 42,759 मतों के अंतर से शिकस्त मिली थी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक प्रमुख ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) नेता एवं सुभासपा अध्यक्ष राजभर मऊ जिले के घोसी विधानसभा क्षेत्र में चौहान के लिए मुख्य चुनाव प्रचारक थे। ...