यूक्रेन सोवियत संघ के विघटन के बाद 1991 में रूस से अलग हुआ था। यूक्रेन के हालांकि बाद के वर्षों में NATO से जुड़ने की कोशिश से रूस असहमति दिखाता रहा है। रूस को लगता है कि यूक्रेन NATO से जुड़ने से उसकी सुरक्षा हमेशा खतरे में रहगी। रूस का मानना है कि अमेरिका सहित नाटो के अन्य सदस्य देशों की सेनाएं उसकी सीमा के बेहद करीब आ जाएंगी और वह एक तरह से चारों ओर से घिर जाएगा। इसी के खिलाफ रूस कदम उठाने की बात कर रहा है और यूक्रेन पर कार्रवाई की बात कर रहा है। Read More
साल 2022 में कच्चे तेल के दामों में 25 फीसदी से ज्यादा का उछाल आ चुका है। 1 दिसंबर, 2021 को कच्चे तेल के दाम 68.87 डॉलर प्रति बैरल था, जो अब 130 डॉलर प्रति बैरल के कारोबार को पार कर गया है। ...
यूरोपीय संघ के सदस्य देशों सहित 22 राजनयिक मिशनों के प्रमुखों ने 1 मार्च को एक संयुक्त पत्र जारी कर पाकिस्तान से यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामकता की निंदा करने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक प्रस्ताव का समर्थन करने का आग्रह किया था। ...
अमेरिकी अधिकारियों का हवाला देते हुए वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि कुछ सीरियाई पहले से ही रूस में नए हमले की तैयारी कर रहे हैं, जबकि अधिकतर अभी पहुंचने वाले हैं। ...
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ टेलीफोन कॉल में पुतिन ने कीव को दोषी ठहराते हुए कहा कि युद्ध के बीच कीव अपने प्रमुख यूक्रेनी बंदरगाह शहर मारियुपोल से नागरिकों को निकालने में विपल रहा। ...
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने केंद्र सरकार को लिखे पत्र में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया कि यूक्रेन के युद्ध क्षेत्र से वापस आ रहे भारतीय छात्रों को उनके मेडिकल की पढ़ाई का प्रबंध केंद्र सरकार करे क्योंकि रूस युद्ध के कारण ...
रविवार को महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा, यूक्रेन और रूस की लड़ाई की जब ख़बर फैली तो सबसे पहले बाकी देशों ने अपने नागरिकों को वहां से अपने देश बुलाया लेकिन पीएम अपने प्रचार में व्यस्त रहे। ...