यूक्रेन सोवियत संघ के विघटन के बाद 1991 में रूस से अलग हुआ था। यूक्रेन के हालांकि बाद के वर्षों में NATO से जुड़ने की कोशिश से रूस असहमति दिखाता रहा है। रूस को लगता है कि यूक्रेन NATO से जुड़ने से उसकी सुरक्षा हमेशा खतरे में रहगी। रूस का मानना है कि अमेरिका सहित नाटो के अन्य सदस्य देशों की सेनाएं उसकी सीमा के बेहद करीब आ जाएंगी और वह एक तरह से चारों ओर से घिर जाएगा। इसी के खिलाफ रूस कदम उठाने की बात कर रहा है और यूक्रेन पर कार्रवाई की बात कर रहा है। Read More
यूक्रेनी विदेश मंत्रालय ने ट्विटर पर एक पोस्ट साझा करके बताया है कि 98 साल की बुजुर्ग महिला ओल्हा तेवरडोखलिबोवा ने रूस के खिलाफ हथियार उठाने की इच्छा व्यक्त की है। इसके लिए ओल्हा ने बाकायदा जेलेंस्की सरकार से गुजारिश भी की है। ...
अमेरिका से जारी वर्ष में तेल आयात लगभग 11 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद है। बता दें कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद तेल की कीमतों में उछाल हुआ है, जिसकी वजह है भारतीय मुद्रास्फीति, सार्वजनिक वित्त को बढ़ावा मिला है और विकास को नुकसान हुआ है। ...
मॉस्को के लुजनिकी स्टेडियम में यूक्रेन पर हमले को लेकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जनता के सामने सफाई पेश कर रहे थे। इस बीच पुतिन का भाषण बीच में अचानक से रुक गया। हालांकि, बाद में ये कहा गया कि तकनीकी खराबी की वजह से टीवी का प्रसारण रोक दिया ग ...
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने राष्ट्र के नाम अपने वीडियो संदेश में कहा, ‘‘यह पूरी तरह से सोची-समझी चाल है।’’ वीडियो कीव में बाहर रिकॉर्ड किया गया था, उनके पीछे राष्ट्रपति कार्यालय था। उन्होंने फिर से पुतिन से सीधे उनसे मिलने का आग्रह किया। उन्हो ...
संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी संबंधी एजेंसी के अनुमान के अनुसार यूक्रेन में अब तक कुल 65 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं, जबकि 32 लाख लोग पहले ही देश छोड़कर जा चुके हैं। ...
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, व्हाइट हाउस ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच सुरक्षित वीडियो कॉल पर करीब दो घंटे तक चली बातचीत रूस के यूक्रेन पर हमले पर केंद्रित रही। ...
व्हाइट हाउस ने कहा था कि भारत द्वारा रियायती दर पर रूसी तेल खरीदने की पेशकश को स्वीकार करना अमेरिका द्वारा मॉस्को पर लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं है, लेकिन रेखांकित किया कि इन देशों को यह भी समझना चाहिए कि जब इस समय के बारे में इतिहास की किताबे ...
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मॉस्को के लुझनिकी स्टेडियम में यह रैली की। पुलिस के अनुसार रैली के लिए करीब दो लाख लोग मौजूद थे। क्रीमिया पर रूस के कब्जे की आठवीं वर्षगांठ के अवसर पर यह रैली की गई। ...