यूक्रेन सोवियत संघ के विघटन के बाद 1991 में रूस से अलग हुआ था। यूक्रेन के हालांकि बाद के वर्षों में NATO से जुड़ने की कोशिश से रूस असहमति दिखाता रहा है। रूस को लगता है कि यूक्रेन NATO से जुड़ने से उसकी सुरक्षा हमेशा खतरे में रहगी। रूस का मानना है कि अमेरिका सहित नाटो के अन्य सदस्य देशों की सेनाएं उसकी सीमा के बेहद करीब आ जाएंगी और वह एक तरह से चारों ओर से घिर जाएगा। इसी के खिलाफ रूस कदम उठाने की बात कर रहा है और यूक्रेन पर कार्रवाई की बात कर रहा है। Read More
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस युद्ध को खत्म करने के तरीकों पर अमेरिका या तुर्की के साथ जुड़ने को तैयार है, लेकिन अब ये अपने आठवें महीने में है। ...
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सोमवार को इस मुद्दे पर चर्चा शुरू की कि क्या रूस को यूक्रेन के चार क्षेत्रों पर कब्जे की कार्रवाई को वापस लेने को कहा जाए या नहीं। चर्चा ऐसे समय में शुरू की गई, जब रूस ने सोमवार को यूक्रेन की राजधानी कीव समेत उसके कई ...
यह बैठक पूर्वनिर्धारित थी, जिसमें रूस द्वारा यूक्रेन के चार क्षेत्रों पर कब्जा करने पर बहस होनी थी। लेकिन रूसी हमले के बाद चिंतित अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जल्दबाजी में यह बैठक बुलानी पड़ी। ...
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों की बैठक में कहा कि शनिवार को क्रीमिया पुल को हुए नुकसान का बदला लेने के लिए रूस ने कीव पर बमबारी की बात है। ...
पुतिन ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि अगर रूस के खिलाफ आतंकवाद की हरकतें जारी रहती हैं, तो हम बहुत कठोर तरीके से जवाब देंगे। प्रतिक्रियाएं उसी पैमाने की होंगी जैसे रूस के लिए खतरे। इस बारे में किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए। ...
आपको बता दें कि इससे पहले के रूस द्वारा हमलों में कीव के बाहरी इलाकों को निशाना बनाया गया था, लेकिन इस बार शहर के बीचों-बीच स्थित कई जगहों को निशाना बनाया गया है। ...